रिपोर्ट- उमेश मौर्य. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहली संभागीय समीक्षा बैठक कड़ी सख्ती और अचानक हुई एक ड्रामेटिक घटना के कारण सुर्खियों में रही. मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा पड़ाव था और शुरू से ही उनका तेवर बिल्कुल साफ है. बिलासपुर संभाग की शिक्षा व्यवस्था को वह बिना किसी ढील के देखना चाहते थे. मंत्री की बैठक में जेडी, डीईओ, बीईओ और सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद थे. मंत्री ने स्कूलों की स्थिति, निरीक्षण और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों पर गहन समीक्षा शुरू ही की थी कि माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. सूत्रों के मुताबिक, अटैचमेंट के मुद्दे पर जब मंत्री ने कोटा के बीईओ एनके मिश्रा से सख्त पूछताछ की और निलंबन तक की चेतावनी दे दी, तो हालात अचानक बिगड़ गए. दबाव इतना बढ़ा कि बीईओ मिश्रा बेहोश होकर कुर्सी से नीचे गिर पड़े. हड़कंप मचते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थिति स्थिर बताई गई. थोड़ी देर रुकने के बाद बैठक फिर शुरू हुई और मंत्री ने साफ कर दिया बिलासपुर से शिक्षा सुधार की नई शुरुआत होगी. लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
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