CG News; Chhattisgarh Diocese: छत्तीसगढ़ में मसीही नेतृत्व को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वयं को समुदाय का प्रतिनिधि संपर्क के दावों ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलबल पैदा कर दी है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) ने इन घटनाक्रमों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देत हुए शासन से जांच कराने की मांग की है। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ (सीएनआई) के सचिव ने नितिन लॉरेंस ने स्वयंभू मसीही नेता अरुण पन्नालाल के सारे दावे को खोखला और निराधार बताया है। उन्होंने बड़ा और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वो देशद्रोही हैं।
इस मामले में विवाद उस समय और गहरा गया जब पन्नालाल की तरफ से सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित कर सकते हैं। यहां तक कि अमेरिका से विदेशी प्रतिनिधिमंडल भी बुलाने की बात कही गई। मसीह समुदाय का कहना है कि ऐसे दावे समाज की छवि को खराब करने की साजिश है। इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से क्यूआर कोड से रुपये वसूली के मुद्दे ने सवाल खड़े किए हैं। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन, सार्वजनिक दावों और संबंधित बयानों की निष्पक्ष जांच की जाए और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाये।
डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ (सीएनआई) के मुताबिक, चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्था एक विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित होती है। किसी भी व्यक्ति को अध्यक्ष या प्रतिनिधि के रूप में मान्यता केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत नियुजि के माध्यम से दी जाती है। बयान में कहा गया है कि पन्नालाल को मसीह समुदाय की तरफ से ऐसी कोई अधिकृत मान्यता नहीं दी गई है।
सिनड के आधिकारिक पत्र
इस विवाद के बीच CNI Synod, नई दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र का भी उल्लेख किया जिसमें डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ (सीएनआई) से संबंधित प्रसारित दावों को तथ्यहीन बताया गया है। डायोसिस का कहना है डायोसिस के नाम पर भ्रम फैलाने वाले कथनों का आधिकारिक संरचना से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर आपत्ति
डायोसिस ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम नामक संस्था के माध्यम से खुद को मसीही समाज का प्रतिनिधि बताना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयानबाजी करना विभिन्न धर्मी के बीच भ्रम और तनाव जैसी स्थिति उत्नन होने की आशंका जताई है।
कार्रवाई की मांग
डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्रर संजीव शुक्ला को लिखित शिकायत देने की पुष्टि की है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच, आवश्यक होने पर चैनल को प्रतिबंधित करने और विधि अनुसार अपराध दर्ज करने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से आग्रह किया गया है कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की विभाजनकारी या राजनीतिक
गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये।
गंभीर मामले पर जताई ऑपत्ति
डायोसिस के मुताबिक एक वीडियो आया है, जिसमें अरुण पन्नालाल यह दावा करते दिख रहे हैं कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर भारत में प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया है और कथित रूप से प्रतिनिधि यह आया था।
डायोसिस ने स्पष्ट किया कि अरुण पन्नालाल का न तो किसी चर्च से आधिकारिक संबंध है और न ही वे किसी अधिकृत चर्च निकाय के सदस्य या नियुक्त प्रतिनिधि हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को “मसीही समाज का अध्यक्ष” बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक एवं गंभीर विषय है, जिससे समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है। वहीं एक अन्य वीडियो में मसीही समुदाय के राष्ट्रीय स्तर के मॉडरेटर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। डायोसिस का मानना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल संस्थागत मर्यादा के विपरीत है, बल्कि समुदाय की गरिमा चोट पहुंचाई है।
डायोसिस ने बताया कि एक अन्य वीडियो में पन्नालाल की तरफ से यह दावा किया गया है कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क कर सकते हैं और व्हाइट हाउस से प्रतिनिधिय बुला सकते हैं। उनके इस प्रकार के दावों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परोसना राष्ट्रीय हित से जुडे मामलों में काफी गंभीर मामला है। डायोसिस ने स्पष्ट किया कि पन्नालाल किसी भी चर्च डायोसिस या राष्ट्रीय स्तर के मसीही निकाय के अधिकृत प्रतिनिधि बताना भ्रामक गलता है। डायोसिस ने चिंता जताई है कि भारत से संबंधित विषय पर अप्रमाणित और गलत जानकारी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाई जाती है तो इससे देश की छवि प्रभावित हो सकती है।
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