छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विधानसभा बजट सत्र के दौरान 9 मार्च को दुर्ग जिले के बीजेपी नेता के खेत में अफीम की खेती का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस संबंध में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर ‘धान के कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने का आरोप लगाया। गर्भगृह में उतरकर नारेबाजी की। इस पर विपक् के विधायक स्वमेव निलंबित हो गए। भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि राजधानी रायपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर विनायक ताम्रकार नाम का व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर अफीम की खेती कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सुलझे नशे से बर्बाद हो रहा है। दूसरे तरफ किसानों के धान की खरीदी नहीं की जा रही है। शायद आप लोग यही चाहते हैं कि पूरे छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती हो।
छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, उसे आप लोग अफीम का कटोरा बनान चाह रहे है। आरोप लगाया कि इसमें शासन के लोग भी शामिल हैं। यह सब कुछ सामूहिक संरक्षण में किया जा रहा है ।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं तो यही कहूंगा कि इसमें कांग्रेस शामिल है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री का नाम लिया। इसका असली तथ्य कहां है? यह खेती आज से नहीं चल रही है। यह खेती चार साल से हो रही है। वहां की दूरी पाटन से 40 किलोमीटर ही है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह होली के ठीक पहले की घटना है। गांव के लोग लकड़ी इकट्ठा करने गये थे, वहां चने के खेत से होते हुए उन लोगों ने यह खेती देखी। कलेक्टर का कहना है कि विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती हो रही है पर एफआईआर में नौकर को मुख्य आरोपी बताया गया है जो कि मुख्य आरोपी है, उसका नाम तीसरे नंबर पर है। इसे सबका संरक्षण है, इसलिए दूसरी बात इसमें रकबा नहीं है। कुल मिलाकर लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।
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