मुंगेर जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शहर के एक निजी अस्पताल में पैर के ऑपरेशन के दौरान 35 वर्षीय युवक जुल्फकार आलम की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख डॉक्टर और अस्पताल के सभी कर्मचारी फरार हो गए। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाने में जुट गई।
जख्मी होने के बाद बेहतर इलाज के लिए भर्ती
मृतक जुल्फकार आलम, पूरब सराय थाना क्षेत्र के निवासी थे। परिजनों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पूर्व जुल्फकार अपनी मामी को बाइक से लेकर जा रहे थे। इसी दौरान असरगंज-मकवा मुख्य पथ पर उनकी बाइक और ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में जुल्फकार गंभीर रूप से घायल हो गए और बायां पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें असरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया और पैर टूटने की पुष्टि की।
बेहतर इलाज के नाम पर मुंगेर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि सर्जन डॉ. आर.के. गुप्ता ने ऑपरेशन के लिए 65,000 रुपये की मांग की, जिसमें से 35,000 रुपये तुरंत जमा कर दिए गए। रविवार सुबह करीब 9 बजे जुल्फकार का ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद मौत
परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद जब जुल्फकार को वार्ड में लाया गया तो उसे अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य बताते हुए अनदेखी की।
कुछ ही देर में जुल्फकार की हालत लगातार बिगड़ने लगी। अस्पताल में न तो आईसीयू की सुविधा थी और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध थे। गंभीर स्थिति में उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद अफरा-तफरी
जुल्फकार की मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क उठे और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आक्रोशित परिजनों के चलते डॉक्टर, कंपाउंडर और अन्य कर्मचारी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। इस दौरान अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन भी भयभीत होकर अपने मरीजों को लेकर चले गए, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ऑपरेशन थियेटर पर गंभीर सवाल
परिजन आरोप लगा रहे हैं कि अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं था। ऑपरेशन एलईडी बल्ब की रोशनी में किया गया, न तो उचित साफ-सफाई थी और न ही आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था। परिजन का कहना है कि ऐसे हालात में ऑपरेशन करना मरीज की जान से खिलवाड़ है।
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परिवार पर गहरा सदमा
जुल्फकार आलम परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य थे। मूल रूप से वह तारापुर प्रखंड के विशनपुर पंचायत अंतर्गत खरवा गांव के निवासी थे। कुछ वर्ष पहले वे जमालपुर स्थित रेल को-ऑपरेटिव बैंक में कार्यरत थे, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद मुंगेर में अपने मामा के घर रहकर छोटा-मोटा व्यवसाय कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
पुलिस जांच
मृतक के परिजनों ने डॉ. आर.के. गुप्ता के खिलाफ कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेज दिया है। कोतवाली थाना के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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