हरमोहिंदर सिंह लक्की प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़ कांग्रेस।
चंडीगढ़ में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान पर्यटन प्रचार के नाम पर किए गए करोड़ों रुपए के खर्च को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासक की सलाहकार परिषद की कला, संस्कृति, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण संबंधी वैधानिक समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष हर
एचएस लक्की ने चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में पर्यटन प्रचार गतिविधियों पर कुल 33.26 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसमें से लगभग 11.84 करोड़ रुपए कलाकारों और अन्य वेंडरों को भुगतान के रूप में दर्शाए गए हैं।
सांसद मुनीष तिवारी लोक सभा में पर्यटन में पैसे खर्च करने को लेकर सवाल उठाते हुए।
हालांकि, लक्की ने कहा कि संसद में दिए गए जवाब में इन भुगतानों का कोई विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। न तो यह स्पष्ट किया गया कि किन कलाकारों या वेंडरों को कितनी राशि का भुगतान किया गया और न ही यह बताया गया कि कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा उनसे चंडीगढ़ को क्या लाभ मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे भी अधिक गंभीर पहलू यह है कि शेष लगभग 22 करोड़ रुपए के खर्च को लेकर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका उत्पन्न होती है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने पूरे मामले की समीक्षा के लिए पर्यटन उप-समिति की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।
पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए
एचएस लक्की ने कहा कि सांसद मनीष तिवारी द्वारा सार्वजनिक धन के इस अपारदर्शी उपयोग पर चिंता जताना पूरी तरह उचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी राशि जब पर्यटन के नाम पर खर्च की जाती है, तो प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और उसके ठोस परिणाम भी सामने आएं।
संस्कृति विभाग के निदेशक को लिखा पत्र
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एचएस लक्की ने चंडीगढ़ प्रशासन के संस्कृति विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर कला, संस्कृति, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण उप-समिति की तत्काल बैठक बुलाने का आग्रह किया है। इस बैठक में पर्यटन पर हुए खर्च की विस्तार से समीक्षा की जाएगी और यह आकलन किया जाएगा कि क्या वाकई इस खर्च से चंडीगढ़ के पर्यटन को कोई वास्तविक लाभ हुआ है।
उनकी तरफ से पिछले तीन वित्तीय वर्षों में पर्यटन प्रचार पर हुए खर्च का ब्योरा मांगा है। इसमें कलाकारों और वेंडरों के नाम, भुगतान की गई राशि, आयोजनों की प्रकृति, खर्च का उद्देश्य और पर्यटकों की संख्या बढ़ने जैसे परिणामों की जानकारी शामिल है।
गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
एचएस लक्की ने कहा कि यह मामला बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन से जुड़ा है और इसकी संस्थागत जांच बेहद जरूरी है। यदि यह सामने आता है कि बिना ठोस योजना और निगरानी के पैसा खर्च किया गया है, तो समिति स्पष्टीकरण मांगने और जरूरी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ को मनमाने खर्च की नहीं, बल्कि स्पष्ट और परिणामोन्मुख पर्यटन नीति की जरूरत है। समिति इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ निभाएगी।
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