चंडीगढ़ में एसएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कंवरदीप कौर एमएचए की और से एक साल की एक्सटेंशन मिल गई है। उनका 3 साल का कार्यकाल 8 मार्च 2026 को पूरा हो चुका था और वह इसी बीच छुट्टी पर चली गई, जिसके बाद एसएसपी का टंपरेरी चार्ज एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप को सौंपा गया। एसएसपी कंवरदीप कौर ने एक साल के लिए एक्सटेंशन लेने के लिए लिखकर भेजा था और एक साल के एक्सटेंशन के लिए पंजाब सरकार ने एनओसी दे दी। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासक ने भी मंजूरी दे दी। एमएचए की ओर से भी एसएसपी की फाइल को मंजूरी मिल चुकी थी लेकिन फाइल प्रधानमंत्री की टेबल तक पहुंच गई और वहीं से मंजूरी मिलने में कुछ समय लग गया। डिस्टर्ब एरिया का टैग हटा चंडीगढ़ से डिस्टर्ब एरिया का कलंक हटे कई साल हो चुके हैं। तभी से एसएसपी के पद पर पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारियों की तैनाती होती आ रही है। जबकि हकीकत यह है कि यह पद न तो 60-40 के किसी फॉर्मूले का है और न ही इस पर किसी राज्य का अधिकार है। आतंकवाद के दौर में चंडीगढ़ को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया गया था। उस समय खालिस्तानी आतंकवाद से निपटने के लिए पहली बार पंजाब कैडर के आईपीएस सुमेध सिंह सैनी को यहां तैनात किया गया था। उससे पहले चंडीगढ़ में एसएसपी की जिम्मेदारी यूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी ही संभालते थे। सैनी के तबादले के बाद से लगातार पंजाब कैडर के अधिकारी ही एसएसपी बनाए जाते रहे।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.