चंडीगढ़ में सड़क हादसों और मौतों को कम करने को लेकर डीसी निशांत कुमार यादव ने अधिकारियों की बैठक ली।
चंडीगढ़ में सड़क हादसों और मौतों को कम करने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने की। इसमें डीसी ने कहा कि सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
इसे कम करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस को कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि लोग वाहनों की रफ्तार कम करें और जो लोग सड़क पर गलत ड्राइविंग कर रहे हैं, उन पर लगाम लगाई जा सके, क्योंकि वे अपनी जान के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम देश के कई राज्यों में पहले ही लागू किया जा चुका है और इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर “जीरो फैटेलिटी कॉरिडोर” मॉडल के तहत सड़क हादसों में मौतों में 58 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई। वर्तमान में यह योजना देश के 20 से ज्यादा जिलों में लागू है, जहां नागपुर जैसे जिलों में सड़क सुरक्षा के बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।
ट्रैफिक सिग्नलों की विजिबिलिटी बेहतर
बैठक में डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जहां पेड़ों के कारण ट्रैफिक सिग्नल नहीं दिख रहे थे, वहां की गई छंटाई से स्थिति अब बेहतर हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि विभागों के आपसी तालमेल से अब ट्रैफिक सिग्नल साफ दिखने लगे हैं, जिससे यातायात आसान हुआ है और सड़क सुरक्षा भी बेहतर हुई है।
डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिए कि शहर की सभी जेब्रा क्रॉसिंग साफ हों और हर समय साफ दिखाई दें, ताकि पैदल चलने वालों को आसानी हो। इसका मकसद पैदल चलने वालों को सुरक्षित रखना और ट्रैफिक को सही तरीके से चलाना है।
निशांत यादव डीसी चंडीगढ़।
‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना पर काम
बैठक में बताया गया कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ताकि योजना को सही तरीके से लागू किया जा सके। यह योजना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से चलाई जा रही है।
जानिए कौन हैं नोडल अधिकारी
परिवहन विभाग: डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट
पुलिस विभाग: डीएसपी ट्रैफिक (आर एंड डी)
पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग: सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर
स्वास्थ्य विभाग: जीएमएसएच-16 के इमरजेंसी सर्विसेज विभाग के प्रमुख
डेटा और तालमेल पर जोर
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए मल्टी-डिसीप्लीनरी और डेटा आधारित रणनीति जरूरी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई बेहद अहम है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल के साथ सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी और लगातार लागू करें, ताकि चंडीगढ़ को सुरक्षित सड़कों वाला शहर बनाया जा सके।
मीटिंग में ट्रैफिक एसएसपी, सभी एसडीएम, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, इंजीनियरिंग विंग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम सहित ट्रैफिक और जन-सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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