चंडीगढ़ पुलिस ने खालिस्तानी आतंकी और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दर्ज चार साल पुराने मामले में ‘अनट्रेस्ड’ रिपोर्ट दाखिल कर दी है। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पुलिस की इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। यह मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को सुसाइड बॉम्बर के जरिए जान से मारने की धमकी देने से जुड़ा था। इस संबंध में वर्ष 2022 में चंडीगढ़ के सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दर्ज हुआ था केस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह एफआईआर सेक्टर-3 थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट मिली थी, जिसमें गुरपतवंत सिंह पन्नू और ‘कुर्बानी जत्था’ की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के एक-एक जज को सुसाइड बॉम्बर के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चार साल तक जांच, नहीं मिला सुराग पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में विस्तृत जांच की गई और सोशल मीडिया पोस्ट में बताए गए स्थानों की भी तलाशी ली गई, लेकिन कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया। काफी प्रयासों के बावजूद पन्नू या उससे जुड़े किसी व्यक्ति का पता नहीं लगाया जा सका। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत में ‘अनट्रेस्ड’ रिपोर्ट दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। हालांकि अदालत ने संबंधित जांच अधिकारी और एसएचओ को निर्देश दिए हैं कि अगर भविष्य में कोई नया सबूत सामने आता है तो जांच आगे बढ़ाई जाए। बता दें कि, गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का प्रमुख है और भारत में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी उसके खिलाफ केस दर्ज किए हैं और चंडीगढ़ व पंजाब में उसकी संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
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