चंडीगढ़ की स्पेशल कोर्ट ने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में गिरफ्तार नाइजीरियन नागरिक इमोरू डेमियन की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोपी की भूमिका अहम लग रही है और उसका ड्रग तस्करी करने वाले गिरोह से संबंध दिखाई देता है। इसलिए इस समय उसे जमानत देना सही नहीं है। यह मामला 22 जुलाई 2025 को पुलिस स्टेशन साइबर सेल चंडीगढ़ में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत केस दर्ज किया था। चेकिंग पर 62.60 ग्राम आईसीई बरामद केस के अनुसार 22 जुलाई 2025 को एएसआई नसीब सिंह पुलिस टीम के साथ अपराध नियंत्रण और रोकथाम के लिए गश्त पर थे। इस दौरान सेक्टर-43 आईएसबीटी के पीछे जंगल की ओर जाने वाली सड़क पर चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति आईएसबीटी सेक्टर-43 की ओर से जंगल की तरफ आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और फुटपाथ की तरफ मुड़कर झाड़ियों में छिपने की कोशिश करने लगा। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़कर तलाशी ली तो उसके पास से 62.60 ग्राम आईसीई (सिंथेटिक ड्रग) बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम इमोरू डेमियन बताया। पूछताछ के बाद दो और गिरफ्तार पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी के खुलासे के आधार पर दिल्ली में छापा मारा गया, जहां से उसके साथी ओकोये न्नामदी को होंडा एकॉर्ड कार (HR-26-BA-7737) के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 25 जुलाई 2025 को निलोठी एक्सटेंशन, नई दिल्ली स्थित उसके घर से 35.80 ग्राम कोकीन और 5.73 ग्राम आईसीई बरामद की गई। जांच के दौरान तीसरे आरोपी तौफे यूसुफ को सेक्टर-50 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 34.85 ग्राम कोकीन बरामद की गई। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के खुलासों के आधार पर अलग-अलग समय पर हुई बरामदगी को जोड़ने पर कुल 67.33 ग्राम आईसीई और 70.65 ग्राम कोकीन बरामद हुई, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत कमर्शियल क्वांटिटी में आती है। बचाव पक्ष बोला झूठा फंसाया आरोपी के वकील ने अदालत में दलील दी कि इमोरू डेमियन को 21 जुलाई 2025 को पंजाब के खरड़ से उठाया गया था और उसे गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखकर इस मामले में फंसाया गया। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी से कोई बरामदगी नहीं हुई और पुलिस ने झूठी कहानी बनाकर ड्रग बरामदगी दिखा दी। क्या गांरटी दोबारा अपराध नहीं करेगा स्पेशल कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ ड्रग तस्करी की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं और रिकॉर्ड से उसके ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिलते हैं। अदालत इस स्तर पर यह संतुष्ट नहीं हो सकती कि आरोपी निर्दोष है या जमानत मिलने पर वह दोबारा अपराध नहीं करेगा। इसी आधार पर अदालत ने इमोरू डेमियन की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश में की गई टिप्पणियां मामले के ट्रायल को प्रभावित नहीं करेंगी।
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