चंडीगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैराथन का आयोजन 1 मार्च को किया जा रहा है। इस दौड़ में 38 विदेशी खिलाड़ियों सहित 3,500 से ज्यादा धावक हिस्सा लेंगे। विजेताओं को कुल 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह आयोजन चंडीगढ़ को दुनिया में खेलों के क्षेत्र में पहचान दिलाने की ओर एक बड़ा कदम है। चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने कहा कि 1 मार्च का दिन चंडीगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि शहर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैराथन की मेजबानी कर रहा है। मैराथान में 4 तरह की दौड़ फुल मैराथन (42.195 किलोमीटर) को प्रतिभागियों को 6 घंटे के भीतर पूरा करना होगा। हाफ मैराथन भी इसी मार्ग पर आयोजित की जाएगी। 10 किलोमीटर की समयबद्ध दौड़ अलग से कराई जाएगी, जिसमें समय के आधार पर परिणाम तय होंगे। इसके अलावा 5 किलोमीटर की दौड़ भी आयोजित की जाएगी, जिसमें आम लोग भी हिस्सा ले सकेंगे। दौड़ का रास्ता शहर के प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगा। इसमें सुखना लेक, रॉक गार्डन, रोज गार्डन और पीजीआई के गेट नंबर 3 से होकर गुजरेगी। दौड़ का अंत चंडीगढ़ क्लब में होगा। 20 हजार 7 लाख तक का इनाम मिलेगा 5 किलोमीटर की दौड़ सुखना पाथ मार्ग पर आयोजित की जाएगी। इस मैराथन में अलग-अलग श्रेणियों के विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। फुल मैराथन में 20 हजार रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा। हाफ मैराथन में 15 हजार से 4 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी, जबकि 10 किलोमीटर दौड़ में 7 हजार से 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार रखा गया है। 18 से 50 वर्ष तक के प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग आयु वर्ग बनाए गए हैं और कुल 138 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। 5 किलोमीटर दौड़ में हिस्सा लेने वालों को मेडल और सर्टीफिकेट दिए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इस आयोजन से शहर में खेलों को बढ़ावा मिलेगा और खेल पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।
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