चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने महंगी कार में लगातार आ रही खराबी के मामले में वाहन कंपनी और डीलर को सेवा में लापरवाही का दोषी ठहराया है। आयोग ने फोर्ड इंडिया और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित सलूजा मोटर्स को आदेश दिया है कि वे ग्राहक को चार लाख रुपये हर्जाना अदा करें। मामला 32.97 लाख रुपये की फोर्ड एंडेवर कार में बार-बार बैटरी डाउन होने से जुड़ा है। शिमला के मशोबरा निवासी मुनीर कौशल ने बताया कि उन्होंने 11 अप्रैल 2019 को 32.97 लाख रुपये की फोर्ड एंडेवर खरीदी थी, जबकि गाड़ी की डिलीवरी 26 अप्रैल 2019 को ली थी। कार के लिए उन्होंने तीन साल का इंश्योरेंस भी कराया था, जिसके लिए 98,075 रुपये अदा किए। उन्होंने शिकायत में बताया कि गाड़ी खरीदने के तीन-चार महीने बाद ही समस्या शुरू हो गई। कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी आने लगी और बैटरी जल्दी खत्म होने लगी। कई बार बदली बैटरी समस्या बरकरार ग्राहक ने कंपनी को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बैटरी बदली गई। लेकिन नई बैटरी भी कुछ समय बाद फिर दिक्कत देने लगी। इसके बाद वह कई बार कार को सर्विस स्टेशन लेकर गए। शिकायत के अनुसार सर्विस स्टेशन में 6-7 बार बैटरी बदलकर देखी गई, लेकिन गाड़ी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। बार-बार सर्विस स्टेशन के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या बनी रहने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मुनीर कौशल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कार में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है, इसलिए बार-बार जांच के बावजूद कंपनी समस्या का कारण नहीं ढूंढ पाई। उन्होंने आयोग से कार की पूरी कीमत 32.97 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की। कंपनी ने आरोपों से किया इनकार वहीं कंपनी की ओर से कहा गया कि ग्राहक ने कोई ऐसी तकनीकी रिपोर्ट पेश नहीं की, जिससे यह साबित हो सके कि गाड़ी में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट था। कंपनी का कहना था कि जब-जब ग्राहक सर्विस स्टेशन आया, गाड़ी की ठीक तरह से जांच और मरम्मत की गई। जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनवाई के दौरान कहा कि भले ही ग्राहक ने मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की तकनीकी रिपोर्ट पेश नहीं की, लेकिन गाड़ी में लगातार समस्या और ग्राहक के बार-बार सर्विस स्टेशन जाने को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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