बैठक के दौरान डीजीपी अजय सिंघल ने सभी जिलों की जमीनी स्थिति की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों की जानकारी ली तथा उनसे इन चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस, व्यावहारिक और समयबद्ध प्लान ऑफ एक्शन तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक जिला अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, नारकोटिक्स, साइबर अपराध, फिरौती से जुड़े मामलों, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य संवेदनशील मुद्दों पर अपनी कार्ययोजना दो दिनों के भीतर निर्धारित प्रारूप में भेजेगा. इसके लिए सभी को फॉर्मेट उपलब्ध करा दिया गया है.
हर जिले की समस्या अलग है: डीजीपी
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, ईमानदार पुलिसिंग पर जोर
बैठक के दौरान डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस उनका परिवार है और इससे जुड़ा हर अधिकारी व कर्मचारी उनके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारीयों व कर्मचारियों के कारण पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. साथ ही पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के लालच में न आएं और पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें जनता की सेवा का अवसर मिला है और इसी सेवा भाव से कार्य करना ही हमारी सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री की अपेक्षाएं और ‘फ्री हैंड’ का भरोसा
डीजीपी ने बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा पुलिस से उच्चस्तरीय कार्य संस्कृति और परिणामोन्मुखी पुलिसिंग की अपेक्षा रखते हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपराध और आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस को पूर्ण सहयोग और फ्री हैंड दिया है, जिससे अधिकारी निर्भीक होकर कानून के अनुसार कार्य करें. निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और अधिकारी व्यक्तिगत रूप से शिकायतों की निगरानी करें. उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक मजबूत, संवेदनशील एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया ताकि पीड़ित को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान मिल सके.
लापता बच्चियों के मामलों पर विशेष अभियान
बैठक में जिलों में बच्चियों के लापता होने से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि वे इस संबंध में विस्तृत डेटा तैयार करें और विशेष टीमें गठित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तलाशा जाए. उन्होंने इसे प्राथमिकता वाला विषय बताते हुए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए. डीजीपी ने ढाबों पर अवैध हथियार लेकर घूमने वालों, ट्रैफिक जाम की समस्या, अवैध शराब कारोबार, नशा तस्करी, गैंगस्टरों की गतिविधियों, प्रॉपर्टी अपराधों तथा अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत करने, क्षमता निर्माण, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और फील्ड स्तर पर सक्रिय पुलिसिंग को प्राथमिकता देने पर बल दिया. इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीजीपी हरदीप दून, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, आईजी राकेश आर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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