चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया शनिवार को अचानक शहर की डिस्पेंसरियों के निरीक्षण पर निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने डड्डूमाजरा, मलोया सहित अन्य डिस्पेंसरियों का दौरा किया। अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। प्रशासक ने मौके पर मौजूद लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों और स्टाफ से जुड़ी परेशानियां बताईं, जिस पर प्रशासक ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए। बुढ़ापा पेंशन पर केंद्र से चल रही बात डिस्पेंसरियों के दौरे के बाद प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने बुढ़ापा पेंशन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन की राशि चंडीगढ़ के मुकाबले काफी ज्यादा है, जबकि चंडीगढ़ में यह राशि कम है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है और जल्द ही इसका समाधान निकालते हुए बुढ़ापा पेंशन बढ़ाई जाएगी। वहीं चंडीगढ़ में बुजूर्गो को जो बुढ़ापा पेंशन हर माह मिलती है वो भी ज्यादातर एक साल में 7 से 8 बार ही मिलती है बीच में कई बार पेंशन 2 या 3 माह तक नहीं आती है अगर पेंशन को लेकर लोग संबधित अधिकारी से पूछते है तो उनका जबाव होता है कि प्रशासन की और से ही दिक्कत है उसके बाद जब पेंशन आती है तो जो 2 से 3 माह बीच के होते है उनकी पेंशन नहीं डाली जाती है। जबकि हरियाणा और पंजाब में पेंशन ज्यादा भी है और हर माह समय पर भी मिल रही है। डेंटल कॉलेज में बेहतर सुविधाएं प्रशासक ने सेक्टर-25 स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां इलाज की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और इलाज भी सस्ते दामों पर होता है, इसके बावजूद लोग वहां इलाज कराने नहीं जाते।
इसको लेकर उन्होंने डॉक्टरों से भी बातचीत की है और निर्देश दिए हैं कि शहर के लोगों को डेंटल कॉलेज की सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि लोग बेहतर और किफायती इलाज का लाभ उठा सकें। नए मेयर को प्रशासन का पूरा सहयोग चंडीगढ़ के नए मेयर सौरभ जोशी को लेकर प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन हमेशा नगर निगम का सहयोग करता आया है। अगर नगर निगम या मेयर को प्रशासन के सहयोग की कभी जरूरत पड़ेगी, तो प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़ा रहेगा।
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