छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को मुंगेली जिले के प्रसिद्ध अचानकमार टाइगर रिजर्व का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी का आनंद लिया और वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने प्राकृतिक वातावरण में वन्य प्राणियों के संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान राज्यपाल ने आदिवासी अंचल की महिलाओं द्वारा तैयार की गई पारंपरिक कलाकृतियों को भी देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से बैगा और गोंड जनजाति की ट्राइबल पेंटिंग्स तथा स्थानीय हस्तशिल्प की प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान बताया।
राज्यपाल ने सिहावल क्षेत्र में वन्य प्राणी संरक्षण को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जंगली हाथियों के प्रशिक्षण और प्रबंधन के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि यह क्षेत्र हिरण, हाथी और टाइगर सहित कई वन्य जीवों के विचरण का प्रमुख क्षेत्र है। मुंगेली जिले का सिहावल क्षेत्र मनियारी नदी के उद्गम स्थल के रूप में भी जाना जाता है।
दौरे के दौरान मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार ने राज्यपाल को जनजातीय कला पर आधारित स्मृति चिन्ह और प्राकृतिक कोसे से निर्मित शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अचानकमार टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अभिषेक सिंह, एडीसी ओम भविष्यकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीडी एटीआर यूआर गणेशन, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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