गीतांजलि गर्ग और रवनीत गर्ग की 3 नवंबर 2007 को शादी हुई थी।
हरियाणा में गुरुग्राम की 13 साल पुराने बहुचर्चित गीतांजलि गर्ग की मौत के मामले में मंगलवार को पंचकूला में CBI की स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने ठोस सबूतों के अभाव और गवाहों के विरोधाभासी बयानों के आधार पर गीतांजलि के पति तत्कालीन चीफ ज्यू
CBI कोर्ट के जज राजीव गोयल ने फैसले में कहा कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि मौत हत्या थी या दहेज संबंधी मामला। आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें बरी किया जाता है। जज का फैसला सुनने के बाद CJM परिवार के साथ फूट-फूटकर रोए।
सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला….
17 जुलाई 2013 को मिला था शव मूल रूप से अंबाला की रहने वाली गीतांजलि गर्ग की शादी 3 नवंबर 2007 को रवनीत गर्ग से हुई थी। केस के अनुसार शादी में गीतांजलि के परिवार ने 2 से 2.5 करोड़ रुपए खर्च किए थे। 17 जुलाई 2013 को गुरुग्राम के पुलिस लाइन पार्क में गीतांजलि का खून से लथपथ शव मिला। पास में पति रवनीत की सर्विस रिवॉल्वर पड़ी थी।
8 सितंबर 2016 को रवनीत गिरफ्तार हुए पोस्टमॉर्टम में शरीर से तीन गोलियां निकलीं। फ्लैट की तलाशी में 19 जिंदा कारतूस मिलने पर आर्म्स एक्ट भी जोड़ा गया। 20 जुलाई 2013 को रवनीत, केवल कृष्ण और रचना गर्ग पर दहेज हत्या (धारा 304-बी), साजिश (धारा 120-बी) और दहेज उत्पीड़न (धारा 498-ए) का मामला दर्ज हुआ। बाद में मामला CBI को सौंपा गया। CBI ने 8 सितंबर 2016 को रवनीत गर्ग को गिरफ्तार किया। वे 23 महीने जेल में रहे, लेकिन बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
CJM पति ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा रवनीत ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 17 जुलाई 2013 को वे ड्यूटी पर थे। शाम करीब 6 बजे घर लौटे तो पत्नी घर पर नहीं थीं। परिवार से पूछताछ के बाद उन्होंने पुलिस को लापता होने की सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस ग्राउंड में शव मिलने की खबर आई। रवनीत ने इसे हत्या बताया और पुलिस बयान दिया, जिसे CBI ने कथित तौर पर नजरअंदाज किया। अब सरकार ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। केस करीब 9 साल तक चला। 12 दिसंबर 2016 से 16 दिसंबर 2025 तक कुल 160 सुनवाइयां हुईं। करीब 88 गवाह पेश हुए।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.