जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में एक दिन पहले बरी हुए 56 में से 40 अभियुक्तों को अभी राहत नहीं है क्योंकि रोहतक पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर 65 में सीबीआई कोर्ट का फैसला आना बाकी है। मामले को लेकर 18 मार्च को पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में सुनवाई होगी।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में रोहतक शहर में दो दिन लगातार आगजनी की घटनाएं हुई थीं। पूर्व वित्तमंत्री की 19 व 20 फरवरी को कोठी जला दी गई थी। अर्बन एस्टेट थाने के ईएसआई राजेश के बयान पर अज्ञात के खिलाफ 65 नंबर एफआईआर दर्ज की गई थी।
पूर्व वित्तमंत्री के भतीजे रोहित सिंधु के बयान पर 28 फरवरी 2016 को दूसरी एफआईआर दर्ज की गई थी। रोहित के बयान पर दर्ज एफआईआर में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट ने 56 आरोपियों को बरी कर दिया जबकि पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर की सीबीआई ने जांच की और अलग से चार्जशीट दाखिल कर रखी है।
इस एफआईआर में जुवनाइल कोर्ट ने चार नाबालिग को बरी कर दिया था। जुवनाइल के खिलाफ आरोप सीबीआई ने वापस ले लिए थे लेकिन अन्य 40 बालिग आरोपियों के खिलाफ आरोप अभी वापस नहीं लिए हैं। अभी भी सीबीआई कोर्ट में केस की गवाही पर चल रही है।
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