कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान के बाद अटकलों का बाजार गर्म है कि वह कांग्रेस में जा सकते हैं। सोमवार को पटियाला में उनकी पत्नी व पूर्व सांसद परनीत कौर ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। परनीत कौर ने इन बातों को नकारते साफ किया कि कैप्टन कहीं नहीं जा रहे हैं। कैप्टन भाजपा में हैं और आगे भी यहीं रहेंगे।
पटियाला की पूर्व सांसद परनीत कौर ने कहा कि कैप्टन व उनके पूरे परिवार ने भाजपा में जाने का जो फैसला लिया था, उस पर आज भी वह सभी कायम हैं। परनीत ने कहा कि पंजाब में लोगों के हितों की रक्षा व सूबे में बिगड़ती कानून व्यवस्था को देखते हुए यहां भाजपा की सरकार बनाने की जरूरत है। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा व शिअद गठबंधन संबंधी कैप्टन के दिए बयान पर परनीत ने कहा कि सूबे व पार्टी की बेहतरी के लिए उन्होंने सुझाव दिया है। अब इस पर फैसला भाजपा की दिल्ली स्थित लीडरशिप लेगी। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस सुझाव पर जरूर गौर किया जाएगा। परनीत कौर सोमवार को पटियाला में मीडिया से बात कर रही थीं।
परनीत कौर ने मान सरकार पर पटियाला में पुलिस और चुनावी मशीनरी के सुनियोजित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। परनीत कौर और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंद्र कौर ने तत्काल चुनाव आयोग के हस्तक्षेप की मांग की। परनीत कौर और जय इंद्र कौर ने कहा कि पटियाला पुलिस के अधिकारियों की एक बेहद विवादास्पद ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई थी। इसमें एसएसपी वरुण शर्मा कथित तौर पर साथी पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश देते सुने गए थे कि विरोधी उम्मीदवारों को उनके नामांकन पत्र दाखिल करने से कैसे रोका जाए।
परनीत ने कहा कि यह ऑडियो स्पष्ट रूप से सरकार को लाभ पहुंचाने के लिए पहले से नियोजित प्रशासनिक हस्तक्षेप को दर्शाता है। परनीत ने आरोप लगाया कि पटियाला के सनौर ब्लॉक में कथित तौर पर 39 भाजपा-समर्थित उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया। उन्होंने यह भी बताया कि फॉर्म 17C, जो कुल पोल हुए वोटों का बूथ-वार विवरण प्रदान करता है, का लगभग 80 फीसदी पटियाला जिले में प्राप्त नहीं हुआ है।
जिला भाजपा अध्यक्ष की ओर से तत्काल हस्तक्षेप और पूरी पारदर्शिता की मांग करते हुए भारतीय चुनाव आयोग को एक विस्तृत शिकायत पहले ही ईमेल की जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी के पास अदालत का रुख करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। जय इंद्र कौर ने कहा कि एसएसपी वरुण शर्मा से जुड़े विवादास्पद ऑडियो के संबंध में पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में पहले ही एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की जा चुकी है, जिसकी अगली सुनवाई 22 दिसंबर को तय है। उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा व्यक्त किया कि एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जांच सच्चाई को सामने लाएगी।
दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग द्वारा तत्काल कार्रवाई, शामिल अधिकारियों की सख्त जवाबदेही और पंजाब में चुनाव प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को बहाल करने की स्पष्ट मांग की।
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