मुजफ्फरपुर में नए साल के जश्न से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर उत्पाद विभाग ने जिले भर में शराब माफियाओं और नशेड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया
उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि नए साल के जश्न के दौरान किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए उत्पाद विभाग की छह विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें शहर के प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंटों, लाइन होटलों और हाईवे किनारे स्थित ढाबों पर लगातार सघन छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेलिब्रेशन के नाम पर शराब परोसने या नशा करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। नए साल पर शराब की बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाने वाले शराब कारोबारियों के मंसूबों को विफल करने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
शहर के प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंटों, लाइन होटलों और हाईवे किनारे स्थित ढाबों पर लगातार सघन छापेमारी जारी है।
जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। इसका मकसद सड़कों पर हुड़दंग करने वाले नशेड़ियों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोग अपने परिवारों के साथ सुरक्षित माहौल में नए साल का आनंद ले सकें। होटलों और रेस्टोरेंट के मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अलर्ट मोड में विभाग उत्पाद विभाग की टीम
फिलहाल ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। इंस्पेक्टर दीपक कुमार के अनुसार, यह अभियान नए साल के आगमन तक चौबीसों घंटे जारी रहेगा। शहर के प्रवेश द्वारों और संवेदनशील इलाकों में विशेष बैरिकेडिंग कर वाहनों की भी सघन तलाशी ली जा रही है। मुजफ्फरपुर प्रशासन की इस सक्रियता ने अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है, वहीं आम जनता ने पुलिस की इस मुस्तैदी का स्वागत किया है ताकि 2026 का आगाज शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से हो सके।
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