जिले के नेपानगर में नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर सियासी घमासान देखने को मिला। अपनी ही परिषद से नाराज कांग्रेस के पार्षदों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों ने परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वार्डों में विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है।
धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है कि कई वार्डों में लंबे समय से जरूरी निर्माण कार्य लंबित पड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद परिषद प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। उनका आरोप है कि सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान नाराज पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी भी की। पार्षदों का कहना था कि वे परिषद की बैठकों और लिखित आवेदन के जरिए कई बार वार्डों की समस्याएं प्रशासन के सामने रख चुके हैं लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसी के विरोध में उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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धरने पर बैठे पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वार्डों में विकास कार्य शुरू नहीं किए गए और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्षदों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी से व्यक्तिगत विरोध करना नहीं है बल्कि वे अपने वार्ड की जनता के अधिकारों और विकास के लिए आवाज उठा रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद नेपानगर की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि परिषद प्रशासन पार्षदों के आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाता है और वार्डों में विकास कार्यों की गति तेज हो पाती है या नहीं।
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