मौसम साफ और गर्म रहा तो पेड़ों पर फलों की होगी अच्छी सेटिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के निचले इलाकों के बगीचों में प्लम की डालियों पर फूल आने लगे हैं, इससे बागवानों की बेहतर फसल की उम्मीद खिल गई है। प्लम की अर्ली किस्म रेडब्यूट में फूल आने शुरू हो गए हैं। बागवानों को उम्मीद है कि मौसम मेहरबान रहा, तो इस साल बंपर फसल होगी। बागवानों के अनुसार, प्लम की फसल के बेहतर उत्पादन के लिए फ्लॉवरिंग स्टेज पर मौसम का अनुकूल बना रहना अति आवश्यक है। मौसम साफ और गर्म रहा, तो पेड़ों पर फलों की अच्छी सेटिंग होगी। मौसम अनुकूल रहने से पेड़ों में आए फूलों पर परागण प्रक्रिया भी सही तरीके से होती है। यदि फ्लॉवरिंग स्टेज के शुरुआती दौर में ही बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि हो जाए, तो फसल पर विपरित प्रभाव पड़ता है। मौसम बिगड़ने के कारण पेड़ों पर फूलों की सही तरीके से परागण प्रक्रिया नहीं होगी और मधुमक्खियां भी पेड़ों पर नहीं बैठेंगी। इससे फसल का उत्पादन काफी प्रभावित होता है। रामपुर उपमंडल राजपुरा, मशेली, रचोली, खखरोला, कोटगढ़ और भ्रदाश समेत अन्य क्षेत्रों में अर्ली किस्म के रेडब्यूट प्लम के पेड़ों पर फ्लाॅवरिंग का दौर शुरू हो चुका है। बागवान जीवन चौहान, किशोर कुमार, सुरेंद्र, राधाकृष्ण और मुकेश मेहता समेत अन्य बागवानों ने कहा कि अर्ली किस्म के रेडब्यूट प्लम के पेड़ों में फ्लाॅवरिंग शुरू हो चुकी है। ऐसे में मौसम अनुकूल रहना चाहिए, जिससे सीजन में बंपर फसल की उम्मीद रहती है। मौसम पर ही फसल के बेहतर उत्पादन की उम्मीदें टिकी हुई हैं। रेडब्यूट प्लम के बाद सेंटा रोजा किस्म के प्लम में भी फ्लाॅवरिंग शुरू होने वाली है। रामपुर के कई क्षेत्रों में कुछ दिनों में फ्लाॅवरिंग शुरू हो जाएगी।
निचले क्षेत्रों में प्लम बागवानों की मुख्य आमदनी
उपमंडल रामपुर के निचले क्षेत्रों में प्लम बागवानों की मुख्य आमदनी का जरिया है। बीते चार-पांच साल से प्लम की विभिन्न किस्मों के बगीचे तैयार करने में बागवान जुटे हुए हैं। हालांकि, कई बागवान 20 से 25 साल से प्लम फसल का उत्पादन कर आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। निचले क्षेत्र गुठलीदार फलों के लिए अनुकूल साबित हो रहे हैं।
बेहतर फसल के उत्पादन के लिए फ्लाॅवरिंग स्टेज पर मौसम अनुकूल होना चाहिए। इस साल समय पर प्लम के पेड़ों पर फूल आने लगे है। इससे बेहतर फसल की उम्मीद है। – डॉ. संजय चौहान, विषय विशेषज्ञ, उद्यान विभाग