जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी ने बताया कि सुनील, धर्मवीर और नरेश को शनिवार को हरियाणा के नूंह से जिला कारागार लाया गया था। वहीं, जुबैर और साजिद गिरफ्तारी के बाद से ही जिला कारागार में हैं। दोनों को सजा सुनाए जाने के बाद भी यहां बैरक नंबर छह में ही रखा गया है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि दोषी नरेश, धर्मवीर व सुनील को अभी 10 दिन के लिए क्वारंटीन (एकांतवास) में रखा है। इसकी अवधि पूरी होने के बाद उन्हें बैरक में भेजा जाएगा। अगर जिले में उन पर कोई ट्रायल नहीं चल रहा होगा तो वापस हरियाणा भेज दिया जाएगा।
बेचैनी में बीती दोषियों की रात बदलते रहे करवट
सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों की कारागार में पहली रात विशेष निगरानी की गई। जेल प्रशासन ने बताया कि पांचों की रात बेचैनी में गुजरी। वे रातभर करवटें बदलते रहे। ठीक से भोजन भी नहीं किया। हालांकि, मंगलवार सुबह कारागार के मेन्यू अनुसार नाश्ते में उबले चने दिए गए तो उन्होंने खा लिया।
दोपहर में दाल, आलू-बैंगन की सब्जी और रोटी भी खाई। इस दौरान उनके चेहरे पर पछतावे के भाव भी दिखाई दिए। खासकर जुबैर और साजिद काफी परेशान दिखे। सुनील, धर्मवीर और नरेश भी गमगीन नजर आए। जेल अधीक्षक ने बताया कि पांचों दोषियों ने सामान्य कैदी की तरह व्यवहार किया। सभी की स्थिति सामान्य है।
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