Bokaro Shilp Bazar Special Murti: गोरी दाते बोकारो के गांधी शिल्प बाजार में जूट की रस्सियों से मूर्तियां और सजावटी सामान बनाकर बेच रही हैं. उनकी इन खास मूर्तियों की बाजार में जमकर डिमांड है. वे कहती हैं कि इस काम ने उनकी जिंदगी बदली और अब वे बढ़िया कमाई कर रही हैं.
कहां से सीखी यह कला
खास बातचीत में कलाकार गोरी दाते ने बताया कि यह विशेष कला उन्होंने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार सोभा पड्डार से सीखी है. इस कला ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है. गोरी दाते बताती हैं कि उनके परिवार में केवल उनके पति ही काम करते थे, लेकिन इस हुनर को सीखने के बाद उन्हें रोजगार और सम्मान दोनों मिला.
आज वे अपने पति के लिए टोटो, यानी ई-रिक्शा, खरीद चुकी हैं. पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन अब उनका अपना पक्का मकान है. आज वह देशभर में आयोजित प्रदर्शनियों और मेलों में जूट से बनी मूर्तियां और गुड़िया बेचती हैं.
लगता है इतना समय
उनके स्टॉल पर मात्र 20 रुपये में जूट की रस्सी से बना पंछी, 80 रुपये में मिनी तबला, 150 रुपये में गणेश प्रतिमा और कई अन्य डिजाइन उपलब्ध हैं, जिन्हें ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार खरीद सकते हैं. इसके अलावा उनके स्टॉल पर रस्सी से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा प्रमुख आकर्षण का केंद्र है, जिसकी कीमत 2000 रुपये है. इन उत्पादों को तैयार करने में काफी मेहनत लगती है. छोटे डिजाइन को बनाने में 1 से 2 दिन, जबकि बड़े डिजाइन को तैयार करने में 3 से 4 दिन का समय लगता है.
क्या है दुकान की टाइमिंग
वर्तमान में उनके स्टॉल पर सबसे अधिक बिक्री मिनी तबला वाले डिजाइन की हो रही है, जो ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है. रोजाना इसके 30 से 40 सेट की बिक्री हो जाती है. वह अपने स्टॉल का संचालन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक करती हैं और बोकारो में 28 फरवरी तक अपनी दुकान लगाए रखेंगी.
About the Author
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.