छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इसके अलावा अभी तक किसी निर्दलीय ने भी पर्चा नहीं भरा है. आइए जानते हैं कि क्या बीजेपी और कांग्रेस को छत्तीसगढ़ विधानसभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एकमात्र विधायक की जरूरत होगी या नहीं.
कांग्रेस और बीजेपी का झंडा
BJP और कांग्रेस को नहीं पड़ेगी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की जरूरत
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मौजूदा समय में किसी भी पार्टी को एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 31 विधायकों की आवश्यकता है. विधानसभा में बीजेपी के पास 54 विधायक और कांग्रेस के पास 35 विधायक मौजूद हैं. ऐसे में दोनों पार्टियां आराम से अपने-अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकती हैं और उन्हें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के विधायक की जरूरत नहीं पड़ेगी.
तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम हैं GGP से विधायक
छत्तीसगढ़ में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एकमात्र विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम हैं. साल 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी और पहली बार विधायक बने थे, तब उन्होंने कांग्रेस की दुलेश्वरी सिदेार को हराया था. उन्होंने साल 2018 में ही विधायकी का चुनाव लड़ा था, लेकिन तब वह चुनाव हार गए थे. अभी वह क्षेत्रीय राजनीति में ही सक्रिय हैं. इसके अलावा सामाजिक मुद्दों और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मामले को उठाने के लिए जाने जाते हैं और वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.
हीरा सिंह मरकान ने की थी GGP पार्टी की स्थापना
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्थापना हीरा सिंह मरकाम द्वारा की गई थी. उन्होंने आदिवासी समुदायों के अधिकारों और पहचान को मजबूती देने के लिए पार्टी को बनाया था. पार्टी आदिवासी इलाकों में सक्रिय भी है. अभी पार्टी गोंडवाना क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक न्याय के लिए काम कर रही है.
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