Bilaspur News: किसानों ने कलेक्टर से अपील की है कि दारसागर खरीदी केंद्र फौरन शुरू किया जाए, टोकन की लिमिट बढ़ाई जाए और छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए. किसानों ने कहा कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो उनकी फसल खराब हो सकती है और इससे उनका आर्थिक नुकसान बढ़ेगा.
तखतपुर क्षेत्र के ग्राम खरगेना के किसान हरप्रसाद साहू ने लोकल 18 को बताया कि धान खरीदी शुरू हुए 15 दिन गुजर चुके हैं लेकिन उन्हें अब तक टोकन नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि हम हर दिन चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहा जाता है कि 1000 क्विंटल की लिमिट पूरी हो चुकी है. बड़े किसानों के सिर्फ 2-2 टोकन काटने से ही लिमिट भर जाती है और छोटे किसान परेशान घूमते रह जाते हैं. घरों में रखा धान खराब हो रहा है. किसानों ने खरीदी की समय सीमा बढ़ाने और टोकन लिमिट बढ़ाने की मांग की.
कोटा क्षेत्र के किसानों ने बताया कि सेवा सहकारी समिति दारसागर के तहत 6 ग्राम पंचायत और 15 ग्राम आते हैं लेकिन अब तक उनके लिए खरीदी शुरू नहीं की गई है. वे पहले बेलगहना मंडी में धान बेचते थे, जो उनके गांव से 10 से 15 किलोमीटर दूर है.
वापसी में मानसिक और आर्थिक परेशानी
अन्य किसानों ने बताया कि बेलगहना मंडी में पहले से 25 गांव शामिल हैं, जहां 1.25 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी होती है. ऐसे में दूरदराज से आने वाले किसानों को न केवल टोकन लेने में कठिनाई होती है बल्कि रात तक तुलाई और वापसी में मानसिक और आर्थिक परेशानी होती है.
दारसागर समिति बनी लेकिन खरीदी अभी शुरू नहीं
किसानों का कहना है कि दारसागर समिति अब अस्तित्व में आ चुकी है और शासन के नियमों के अनुसार हर समिति में धान खरीदी केंद्र होना अनिवार्य है. इसके बावजूद अभी तक केंद्र में खरीदी शुरू नहीं की गई है और टोकन भी जारी नहीं हो रहे हैं.
किसानों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि दारसागर खरीदी केंद्र तत्काल शुरू किया जाए, टोकन की लिमिट बढ़ाई जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए. किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो उनकी फसल खराब हो सकती है और आर्थिक नुकसान बढ़ेगा. कलेक्टर कार्यालय में पहुंचे किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अब किसी भी स्थिति में बेलगहना मंडी में धान बेचने नहीं जाएंगे. किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है.
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