बिलासपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत और व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति बंद करने के बाद ब्लैकमार्केटिंग और जमाखोरी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। पिछले दो दिन में 200 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। बावजूद इसके गैस रिफलिंग का अवैध कारोबार चल रहा है। अब गैस रिफलिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, गैस सिलेंडर की कमी की आशंका को देखते हुए मार्केट में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री बढ़ गई है। जबकि, होटल-ढाबों में लॉकडाउन जैसे हालात की आशंका बढ़ गई है। शहर के कई जगहों पर होटलों, ठेलों और गुमटियों में नाश्ता मिलना बंद हो गया है। शहर में एलपीजी गैस को लेकर स्थिति अब उलझन भरी होती जा रही है। एक ओर राज्य सरकार और जिला प्रशासन यह दावा कर रहा है कि केवल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हुई है और घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य है। बुकिंग और डिलीवरी भी नियमित रूप से होने की बात कही जा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर उपभोक्ता परेशान हैं और गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। इसका सीधा असर शहर के बाजारों में देखने को मिल रहा है, जहां इंडक्शन चूल्हों की बिक्री अचानक बढ़ गई है। गैस सिलेंडर का विकल्प, इंडक्शन की बढ़ी डिमांड बाजार के व्यापारियों के अनुसार, पिछले दो से तीन दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां दुकानों में रोजाना दो से तीन इंडक्शन चूल्हे ही बिकते थे, वहीं अब एक दिन में 12 से 15 तक चूल्हे आसानी से बिक रहे हैं। खरीदारों में होटल-रेस्टोरेंट संचालक, फास्ट फूड के स्ट्रीट वेंडर और आम उपभोक्ता भी शामिल हैं, जो घरों के लिए इसे खरीद रहे हैं। डिमांड बढ़ने से इंडक्शन चूल्हों की कीमतें बढ़ी गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच अब लोग विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इंडक्शन की डिमांड बढ़ने के कारण कीमतों पर भारी असर देखने को मिल रहा है। व्यापारियों के मुताबिक इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में करीब 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। कई लोग पुराने इंडक्शन चूल्हों को इस्तेमाल में नहीं थे, उन्हें भी रिपेयर कराने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की दुकानों में मरम्मत कराने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। ग्राहकों के मुताबिक, फिलहाल गैस सिलेंडर उपलब्ध है, लेकिन भविष्य में स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए लोग पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली की उपलब्धता के कारण इंडक्शन चूल्हा इस्तेमाल करना अपेक्षाकृत आसान है, इसलिए लोग इसे बेहतर विकल्प मान रहे हैं। किरायेदारों और हॉस्टलर्स की बढ़ी परेशानी शहर में किराए पर रहने वाले लोगों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। पहले वे आसानी से गैस सिलेंडर भरवा लेते थे, लेकिन अब कई जगह गैस मिलने में परेशानी की शिकायत सामने आ रही है। ऐसे में गैस चूल्हे के विकल्प के तौर पर इंडक्शन खरीदना उनकी मजबूरी बन गई है। हालांकि, इससे बिजली बिल बढ़ने की चिंता भी लोगों को सता रही है। दो दिन में खत्म हुए स्टॉक इंडक्शन चूल्हा के होलसेलर और दुकान संचालक राहुल गुप्ता ने बताया कि, उनके पास से महज दो दिनों के भीतर ही सारा स्टॉक खत्म हो गया है। मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि अब नए ऑर्डर देने पड़ रहे हैं। उन्होंने खुद 200 पीस का नया ऑर्डर दिया है, लेकिन सप्लाई करने वाले डीलरों के पास भी सीमित स्टॉक ही बचा है। राहुल गुप्ता के मुताबिक केवल शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी लोग इंडक्शन चूल्हे खरीदने पहुंच रहे हैं। गैस सिलेंडर की संभावित कमी की खबरों ने लोगों को पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए मजबूर कर दिया है। सभी बर्तनों वाले इंडक्शन की मांग ज्यादा अभी सबसे अधिक उन इंडक्शन की मांग सबसे अधिक है, जिन पर सभी बर्तनों में खाना पक सकता है। इसके अलावा 4 से 5 हजार वाले इंडक्शन को ही लोग खरीद रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट ने भी बदला तरीका गैस की अनिश्चितता के चलते होटल-रेस्टोरेंट संचालक भी अब इलेक्ट्रिक चूल्हों और अन्य उपकरणों की खरीदारी करने लगे हैं। हालांकि, इन उपकरणों के इस्तेमाल से उनका खर्च बढ़ रहा है, बिजली बिल भी ज्यादा आ रहा है और कई मामलों में खाने के स्वाद पर भी असर पड़ रहा है। इसके बावजूद कारोबार बंद करने के बजाय संचालक इन विकल्पों को अपनाने के लिए मजबूर हैं। कुछ होटल संचालकों ने तो एहतियात के तौर पर लकड़ी की भट्ठी की भी व्यवस्था कर ली है। एक ओर जहां प्रशासन स्थिति को सामान्य और नियंत्रण में बता रहा है, वहीं दूसरी ओर बाजार की गतिविधियां संभावित संकट की ओर इशारा कर रही हैं। व्यापारियों का मानना है कि यदि यही हालात बने रहे तो आने वाले दिनों में इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों की भी बाजार में कमी हो सकती है। होटलों में बदला मेनू, डीप फ्राई फूड्स का आर्डर बंद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई बंद करने के बाद शहर के होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबारियों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। सिलेंडरों की सप्लाई बाधित होने से कई छोटे-बड़े होटल और ढाबे अब बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि कई रेस्टोरेंट संचालकों को अपने मेन्यू से पराठा, पूड़ी और डीप फ्राई वाले पकवान हटाने पड़ रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी के कारण अब ऐसे व्यंजन नहीं बनाए जा रहे हैं जिन्हें ज्यादा समय तक पकाना पड़ता है या जिनमें अधिक आंच और ईंधन की जरूरत होती है। कई जगहों पर सिर्फ छोटे बर्नर वाले चूल्हों का उपयोग किया जा रहा है और कम ऊर्जा में पकने वाले व्यंजन ही ग्राहकों को परोसे जा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि, यदि जल्द ही कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो शहर के होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है और कई प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं। डिलीवरी बंद, कर्मचारियों की छंटनी शुरू गैस सिलेंडर सप्लाई की अनिश्चितता का असर होटल कारोबार के संचालन पर भी पड़ने लगा है। कई रेस्टोरेंट संचालकों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं बंद कर दी हैं। जोमेटो और स्वीगी जैसे प्लेटफॉर्म के लिए बनाए जाने वाले ऑर्डर रोक दिए गए हैं। अब सिर्फ रेस्टोरेंट में बैठकर खाने वाले ग्राहकों को ही सीमित मेन्यू पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ होटल संचालकों का कहना है कि, खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या भी घटानी पड़ रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कई होटल-रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। कारोबारियों का कहना है कि हालात धीरे-धीरे लॉकडाउन जैसे होते जा रहे हैं। मेन्यू में किया गया बदलाव कई ढाबों और छोटे होटल संचालकों ने अब लकड़ी की भट्ठी का सहारा लेना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ स्ट्रीट फूड वेंडरों ने ईंधन की कमी के कारण अपनी दुकानें अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला कर लिया है। कम्युनिटी किचन चलाने वाले शिवम सिंह ने बताया कि, गैस सिलेंडर नहीं मिलने से बहुत परेशानी हो रही है। छोटी थालियों की सर्विस फिलहाल बंद कर दी गई है और ज्यादा ईंधन में पकने वाली सब्जियां भी मेन्यू से हटा दी गई हैं। कई व्यंजन बंद करने पड़े हैं, जिससे ग्राहकों की मांग पूरी करना मुश्किल हो रहा है। डीप फ्राई और चाइनीज व्यंजन बंद यूटर्न ढाबा के संचालक विनोद ठाकुर ने बताया कि, उनके ढाबे में आखिरी सिलेंडर चल रहा है। इसके बाद केवल तंदूर से बनने वाले व्यंजन ही ग्राहकों को दिए जा सकेंगे। डीप फ्राई, देर तक पकने वाले व्यंजन और स्टार्टर जैसे पनीर चिली व अन्य चाइनीज डिश फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब लकड़ी की भट्ठी मंगाकर उसी से काम चलाने की तैयारी की जा रही है। शहर के कई छोटे होटल, गुमटी, ठेले जैसे स्ट्रीट वेंडर्स को कारोबार बंद करना पड़ रहा है। एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की बढ़ी भीड़ शहर के कई गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। तेज गर्मी के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी घंटों लाइन में खड़े होकर सिलेंडर लेने का इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है और कई जगह विवाद की स्थिति भी बन रही है। बुकिंग में तकनीकी दिक्कत, ओटीपी नहीं पहुंच रहा उपभोक्ताओं के अनुसार, गैस सिलेंडर बुक करने के लिए वे टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन कई बार नंबर ही नहीं लग रहा। जिन लोगों का कॉल लग भी रहा है, उनके मोबाइल पर दो से तीन दिन तक ओटीपी नहीं पहुंच रहा। ओटीपी नहीं आने की वजह से बुकिंग पूरी नहीं हो पा रही और उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोग जमीन पर पर कार्ड रखकर नंबर लगा रहे हैं। कमर्शियल सिलेंडर बंद, घरेलू गैस पर दबाव जानकारों का मानना है कि, कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ गई है और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा यह भी आशंका जताई जा रही है कि कुछ जगहों पर घरेलू सिलेंडरों से कमर्शियल सिलेंडरों में अवैध रिफिलिंग की जा रही है। यदि ऐसा हो रहा है तो इससे घरेलू गैस की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ना तय है। जमाखोरी से भी बढ़ी परेशानी कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमाकर रखे हैं, ऐसी भी चर्चा है। माना जा रहा है कि संभावित गैस संकट की आशंका के चलते कुछ उपभोक्ता अतिरिक्त सिलेंडर खरीदकर स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे भी बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति बन रही है और आम उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। गैस रिफिलिंग के वीडियो वायरल व्यावसायिक गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के बाद अब घरेलू गैस सिलेंडर की रिफलिंग भी शुरू हो गई है। जिसका वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दुकान के अंदर घरेलू सिलेंडर से कमर्शियल सिलेंडर में गैस भरते दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो शहर के भारतीय नगर इलाके का है। अधिकारियों के मुताबिक टीम लगातार जांच कर रही है और कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई भी की जा रही है।
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