बिलासपुर में होली उत्साह के साथ मनाई जा रही है। सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर रंगों से सराबोर हो गया। गली-मोहल्लों में अबीर-गुलाल उड़ता नजर आया। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई दी। हर चेहरे पर रंग और हर दिल में उमंग दिखाई दी। होली की खुमारी सुबह से शहर में बनी रही। सुबह होते ही बच्चों ने गली–मोहल्लों में रंग–गुलाल खेलना शुरू कर दिया। कॉलोनियों में युवतियां और महिलाएं रंगों से सराबोर नजर आईं। शहर के चौक–चौराहों अलग–अलग क्षेत्रों में लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं दी। युवक रंगों से सराबोर होकर खूब मस्ती करते नजर आए। विधायक अमर अग्रवाल ने अपने निवास पर फाग महोत्सव में नगाड़े बजाकर होली का आनंद लिया। होली पर्व पर शांति व्यवस्था बनाए रखने पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। अफसर और जवान दिनभर पेट्रोलिंग करेंगे। चौक–चौराहों पर सुरक्षा बल तैनात किया गया है। हुड़दंग करने वालों पर कड़ी नजर रहेगी। चंद्रग्रहण के कारण दो दिन हुआ होलिका दहन होली पर्व से पहले चंद्रग्रहण होने के कारण होलिका दहन दो दिन किया गया। ज्यादातर लोगों ने ज्योतिष परामर्श अनुसार सोमवार रात होलिका दहन कर लिया था। चंद्रग्रहण के सूतक काल में मंगलवार सुबह मंदिरों के पट बंद रहे। बाजार में भीड़ कम दिखाई दी। चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद लोगों ने रात में स्नान और दान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना की। इसके बाद बाजार फिर गुलजार हो गया। लोग देर रात तक होली की खरीदारी करते रहे। दूसरी रात भी जली होलिका पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। शहर के ज्यादातर स्थानों पर कंडों से होलिका तैयार की गई। जूना बिलासपुर, सरकंडा, विद्यानगर सहित कई क्षेत्रों में होलिका दहन किया गया। कई स्थानों पर चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद बुधवार रात भी होलिका जलाई गई। लोगों का मानना है कि इस परंपरा का धार्मिक महत्व है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी इसे अच्छा माना गया है। इससे पर्यावरण शुद्ध होता है और वायुमंडल की प्रदूषित हवा कम होती है।
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