Bilaspur News: आज गोलू ठाकुर की दुकान की रोजाना बिक्री 8 हजार रुपये से 10 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है. दुकान पर 5 से 7 लोग काम करते हैं. यह सिर्फ एक स्टॉल नहीं बल्कि मिनी बिजनेस बन चुका है.
गोलू ठाकुर का यह सफर सीधे दुकान तक नहीं पहुंचा. शुरुआत में उन्होंने किसी और की इडली-डोसा दुकान में कुक के रूप में काम किया. यहीं से उन्होंने इस काम की बारीकियां सीखीं. चटनी का स्वाद, बैटर तैयार करने की तकनीक और ग्राहकों की पसंद के बारे में जाना. अनुभव हासिल करने के बाद गोलू ने ठान लिया कि अब अपना बिजनेस शुरू करना है.
₹500 से की थी शुरुआत
जब गोलू ने अपनी दुकान शुरू की थी, तब उनके पास केवल ₹500 थे और पैसा इकट्ठा कर उसी सीमित पूंजी में उन्होंने गैस, बर्तन और बेसिक सामग्री खरीदी और दुकान शुरू की. धीरे-धीरे स्वाद और सेवा ने लोगों का मन जीता. आज उनकी दुकान की रोजाना बिक्री ₹8,000 से ₹10,000 तक पहुंच चुकी है. दुकान पर अब 5 से 7 लोग काम करते हैं और यह सिर्फ एक स्टॉल नहीं बल्कि मिनी बिजनेस बन चुका है.
रोज बचा लेते हैं ₹1500 तक
गोलू की दुकान सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक चलती है. इस दौरान ग्राहकों की लाइन लगी रहती है. खर्च, स्टॉक और मजदूरी देने के बाद भी गोलू ठाकुर प्रतिदिन ₹1000 से ₹1500 तक की बचत कर लेते हैं, जो इस व्यवसाय की सफलता का बड़ा संकेत है.
नए लोगों को सलाह
जो लोग इस काम में उतरना चाहते हैं, गोलू ठाकुर उनके लिए स्पष्ट संदेश देते हैं कि पहले सीखो और फिर शुरू करो. वह बताते हैं कि कम से कम ₹20,000 के निवेश के साथ इडली-डोसा की दुकान आसानी से शुरू की जा सकती है लेकिन धैर्य बहुत जरूरी है. शुरुआत में नुकसान हो सकता है लेकिन समय के साथ दुकान चलने लगती है.
छोटी शुरुआत से बड़ी सफलता
गोलू कहते हैं कि उन्होंने कई बार निराशा का सामना किया लेकिन कभी मेहनत नहीं छोड़ी. आज उनकी कहानी दूसरों के लिए प्रेरणा है और साबित करती है कि छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता बन सकती है.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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