बुधवार को नेता प्रतिपक्ष विधान मंडल नहीं पहुंचे, जिसको लेकर जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने उनपर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि जिनके परिवार की सुरक्षा के लिए 160 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, वे स्वयं सदन में दिखाई नहीं दे रहे। आखिर कहां गायब हो गए तेजस्वी यादव ? इस खबर के प्रकाशित होने के बाद देर शाम राजद ने भी पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। जवाब में बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि जिस तरह की राजनीति जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार जी आप करते हैं, ऐसा लगता है कि आपके राजनीति का एकमात्र आधार और सोच तेजस्वी प्रसाद यादव ही हैं। आप वास्कोडिगामा की तरह तेजस्वी यादव की खोज में मत लगिए, बिहार की जनता के हित में उनको बुलडोजर नीति से बचाइए। हालांकि आज भी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सदन में आने का इंतजार जरुर किया जायेगा।
बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आज (गुरुवार) सदन को नया उपाध्यक्ष मिल गया है। मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार विधायक बने नरेंद्र नारायण यादव को सर्वसम्मति से निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया। वह इस सत्र के लिए प्रोटेम स्पीकर की भूमिका भी निभा रहे थे। उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी नए विधायकों को बधाई दी और बिहार के विकास पर अपनी सरकार का पक्ष रखा।
2005 से है कानून का राज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में अपने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि, जब 2005 में एनडीए (NDA) सरकार बनी थी, तब से ही बिहार में कानून का राज है। तभी से मैं लगातार बिहार के विकास में लगा हुआ हूं, और यही मेरा एकमात्र उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अब बिहार में किसी तरह का डर और भय नहीं है, बल्कि चारों तरफ शांति और भाईचारे का माहौल है।
अब नहीं होता हिंदू-मुस्लिम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले बिहार में बहुत हिंदू-मुस्लिम होता था, लेकिन अब कोई झगड़ा-झंझट नहीं होता है। अपनी सरकार के कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई गई और 2016 से मंदिरों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
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