: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में वैशाली जिले के एक युवक की जान चली गई है। वैशाली प्रखंड के महम्मदपुर पंचायत स्थित खजबत्ता गांव निवासी अर्जुन कुमार की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में मौत हो गई। अर्जुन दुबई में गैस पाइपलाइन का काम करने वाली कंपनी में काम कर रहे थे। परिजनों को सोमवार रात उनकी मौत की सूचना मिली।
आखिरी बार पत्नी से हुई थी बात
परिजनों के अनुसार, अर्जुन की 28 फरवरी को अपनी पत्नी से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हो सका। युद्ध के दौरान दुबई पर हुए हमले में उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है। अर्जुन के कुछ रिश्तेदार भी दुबई में फंसे हुए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
दुबई में नौकरी और कंपनी की जानकारी
अर्जुन कुमार, सुरेंद्र महतो के बेटे, लगभग तीन महीने पहले दुबई गए थे। एक एजेंट के माध्यम से उन्हें रिगर का काम मिला था। दुबई में गैस पाइपलाइन का काम करने वाली कंपनी गैसफार में वह नौकरी कर रहे थे। परिजन ने बताया कि शनिवार को अर्जुन से आखिरी बार बात हुई थी, फिर दो दिन बाद उनकी मौत की खबर मिली।
शव दिखाने में कंपनी की बाधा
परिजन का कहना है कि यूएई में उनके रिश्तेदारों ने शव दिखाने की बात कही, लेकिन कंपनी ने सुरक्षा और पुलिस क्लियरेंस न होने का हवाला देकर इनकार कर दिया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस क्लियरेंस मिलने के बाद ही शव दिखाया जाएगा। फिलहाल घर वालों को यह भी पता नहीं है कि अर्जुन का शव कहां रखा गया है।
अनुबंध और परिवार के फंसे सदस्य
अर्जुन दिसंबर 2025 में नौकरी करने दुबई गए थे। कंपनी ने उन्हें दो साल के लिए काम के अनुबंध पर रखा था। जानकारी मिली है कि अर्जुन के साले रंजन कुमार और बहनोई अजय महतो भी दुबई में किसी साइट पर फंसे हुए हैं। परिजन उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। रंजन मुजफ्फरपुर जिले के महमदा और अजय चांदपकड़ी के रहने वाले हैं।
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