सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-107 पर भौरा पुल के पास गुरुवार की अहले सुबह तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में पूर्णिया जिले के बी-कोठी प्रखंड के अंचलाधिकारी मोहन कुमार शर्मा समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोहन कुमार शर्मा एक शादी समारोह में शामिल होने सिमरी बख्तियारपुर आए थे। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे वे सहरसा स्थित अपने आवास सिरादेहपट्टी लौट रहे थे। इसी दौरान भौरा पुल के पास चालक को झपकी आने से वाहन अनियंत्रित हो गया और रेलिंग से टकरा गया।
ये लोग हुए घायल
घायलों की पहचान मोहन कुमार शर्मा (28 वर्ष), अमित कुमार (26 वर्ष), राकेश कुमार (28 वर्ष), आलोक कुमार (26 वर्ष) और बंटी कुमार (28 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से सभी घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर पहुंचाया गया। वहां से मोहन कुमार शर्मा और अमित कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को बेहतर इलाज के लिए सहरसा रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी का इलाज सहरसा के एक निजी क्लीनिक में चल रहा है।
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निजी वाहन पर ‘लाल बोर्ड’, उठे सवाल
हादसे के बाद एक प्रशासनिक सवाल भी सामने आया है। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो (BR 11 BU-8935) निजी रजिस्ट्रेशन की गाड़ी है, जबकि उस पर ‘अंचलाधिकारी बी-कोठी’ का बोर्ड लगा हुआ था। नियमों के अनुसार, सरकारी कार्यों के लिए अनुबंधित वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अंचलाधिकारी निजी वाहन का आधिकारिक उपयोग कर रहे थे? यदि वाहन सरकारी अनुबंध पर था तो उसका कमर्शियल पंजीकरण क्यों नहीं था? इस पहलू की भी जांच की मांग उठ रही है।
पुलिस का बयान
सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। मामले की जांच की जा रही है तथा संबंधित थाना को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।