खगड़िया में आपसी सुलह और भाईचारे के आधार पर लंबित मुकदमों के निपटारे के लिए शनिवार को खगड़िया सिविल कोर्ट और गोगरी अनुमंडलीय कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित इस अदालत में वर्षों से लंबित मामलों को मिनटों में सुलझाया गया।
लोक अदालत का उद्घाटन और प्रमुख मौजूदगी
लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला जज सह अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) मनोज कुमार द्विवेदी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संजय कुमार, द्वितीय शैलेंद्र कुमार, विशेष न्यायाधीश (उत्पाद) प्रभाकर झा, डीएलएसए सचिव चंदन कुमार, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव और सचिव नागेश्वर प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जजों का सम्मान
इस समारोह में पिछले लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन जजों को प्रधान जिला जज ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
- प्रथम स्थान: राजीव कुमार (रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी) – 230 वादों का निष्पादन
- द्वितीय स्थान: प्रियंका कुमारी – 86 वादों का निष्पादन
- तृतीय स्थान: ऋषि चंदन (विशेष न्यायाधीश, पोक्सो) – 73 वादों का निष्पादन
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सऊदी अरब से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ा पक्षकार
इस बार की लोक अदालत आधुनिक तकनीक की भी गवाह बनी। बेंच संख्या 10 के न्यायिक दंडाधिकारी शशांक कुमार ने सऊदी अरब में रह रहे एक पक्षकार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे कोर्ट से जोड़ा और आपसी सहमति से मामले का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन कराया। इस पहल ने सभी उपस्थित लोगों को हैरान कर दिया और दिखाया कि सात समंदर पार बैठा व्यक्ति भी लोक अदालत का लाभ उठा सकता है।
कुल बेंच, निष्पादित मामले और समझौता राशि
लोक अदालत में विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए कुल 14 बेंच गठित की गईं। दिन भर चली प्रक्रिया में कुल 1823 वाद निष्पादित हुए, समझौता राशि 8,59,58,162 रुपये रही। वहीं कोर्ट में 769 लंबित मामले, बैंक ऋण मामले 1026, अन्य 11 ट्रैफिक चालान और 17 बीएसएनएल से जुड़े मामले सुलझाए गए।
प्रधान जिला जज का निरीक्षण और सुविधाएं
प्रधान जिला जज स्वयं हर बेंच का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने सभी पीठासीन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दूर-दराज से आए किसी भी पक्षकार को बिना समाधान के वापस न भेजा जाए। कोर्ट परिसर में पक्षकारों की सहायता के लिए दो विशेष हेल्प डेस्क बनाए गए। प्रत्येक बेंच पर पारा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) तैनात किए गए, जो अनपढ़ और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों को कागजी कार्रवाई और सही बेंच तक पहुँचने में मदद कर रहे थे।
कार्यक्रम का समापन और भविष्य की उम्मीद
कार्यक्रम के अंत में डीएलएसए सचिव चंदन कुमार ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, बैंक प्रबंधकों, अधिवक्ताओं, पुलिस प्रशासन, मीडिया और आम जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में लोक अदालत के प्रति लोगों का विश्वास और बढ़ेगा और मुकदमों के बोझ को कम करने में यह मील का पत्थर साबित होगा।
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