बिहार के मधेपुरा जिला मुख्यालय स्थित पुरानी बाजार वार्ड संख्या-10 में गुरुवार को एक ज्वेलरी दुकान में गहनों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दुकानदार ने एक महिला और उसकी बेटी पर तेजाब फेंक दिया। इस हमले में जुलेखा खातून (55) और उनकी बेटी आसमा प्रवीण (22) बुरी तरह झुलस गईं। घटना के बाद आसपास के लोगों ने दोनों को तुरंत मधेपुरा के सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बेटी की शादी के लिए बनवा रही थीं गहने
जानकारी के अनुसार पुरानी बाजार वार्ड संख्या-10 की रहने वाली जुलेखा खातून की बड़ी बेटी की शादी 24 मार्च को तय है। बेटी की शादी की तैयारी के लिए जुलेखा ने घर के पास स्थित संध्या ज्वेलर्स के संचालक विनोद स्वर्णकार को गहने बनाने का जिम्मा दिया था।
बताया जा रहा है कि जुलेखा ने अपनी मेहनत की कमाई से दो साल पहले 12 हजार रुपये और हाल ही में 13 हजार रुपये, यानी कुल 25 हजार रुपये पहले ही दुकानदार को दे दिए थे। परिवार का कहना है कि शादी की तारीख नजदीक आने के बाद भी दुकानदार गहने तैयार करने में टालमटोल कर रहा था।
गहनों की मांग करने गईं तो हुआ विवाद
परिजनों का आरोप है कि कई बार कहने के बाद भी जब गहने नहीं मिले, तो गुरुवार को जुलेखा अपनी छोटी बेटी आसमा के साथ दुकान पर पैसे और गहनों के बारे में पूछने गई थीं। दुकान पर पहुंचने के बाद दुकानदार और महिला के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद काफी बढ़ गया। बताया जा रहा है कि गुस्से में दुकानदार विनोद स्वर्णकार ने काउंटर पर रखी तेजाब की बोतल उठाई, उसे तोड़ा और सीधे मां-बेटी के चेहरे की ओर फेंक दिया। तेजाब गिरते ही दोनों दर्द से चीखने लगीं। कुछ ही देर में उनके चेहरे और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए।
दुकानदार दुकान बंद कर भागा
घटना के बाद आरोपी दुकानदार दुकान का शटर गिराकर मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों का बयान दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर आरोपी दुकानदार का कहना है कि महिलाएं उसकी दुकान में लूटपाट की नीयत से घुसी थीं। फिलहाल मां और बेटी मधेपुरा के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज चल रहा है।
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