गया जी जिले के रामपुर थाना में पदस्थापित एएसआई अमरेंद्र यादव ने सोमवार दोपहर अपने सरकारी क्वार्टर में सल्फास खाकर जान दे दी। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ करीब तीन घंटे इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं है और न ही मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है, जिससे मामला और अधिक संदेहपूर्ण हो गया है।
जानकारी के अनुसार, अमरेंद्र यादव पूर्णिया जिले के मूल निवासी थे। उनके दो बेटे हैं, एक बेंगलुरु में इंजीनियर है, जबकि दूसरा घर पर रहता है। वे 21 नवंबर को छुट्टी पर गए थे और 28 नवंबर को ड्यूटी पर लौटे थे। रविवार को भी उनकी तबीयत खराब होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद निजी अस्पताल में उनका उपचार हुआ था। सब कुछ सामान्य माना जा रहा था, लेकिन सोमवार दोपहर अचानक स्थिति बिगड़ गई।
करीब 3 बजे उन्होंने एक सहकर्मी को फोन कर बताया कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है और उन्होंने सल्फास खा लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल उनके क्वार्टर पहुँचा और उन्हें अस्पताल ले गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
इंस्पेक्टर दिनेश बहादुर के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से एएसआई अमरेंद्र स्वास्थ्य संबंधी तनाव में थे, हालांकि इस तरह की घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी। परिवार को सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
एएसआई अमरेंद्र 2023 से गया में पदस्थापित थे और शांत, सौम्य स्वभाव के पुलिसकर्मी माने जाते थे। घटना के बाद थाना परिसर में स्तब्धता का माहौल है। खुदकुशी के पीछे बीमारी, मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण को लेकर कई चर्चाएँ हैं। मंगलवार को एफएसएल की टीम उनके क्वार्टर की जांच करेगी, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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