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Bihar Farmer Registry ID: जहानाबाद के नारायणपुर गांव में Farmer Registry ID बनाने में ऑनलाइन ऑफलाइन दस्तावेजों की गड़बड़ी से किसान कुंदन कुमार, प्रमोद कुमार और रामरतन शर्मा समेत कई किसान परेशान हैं. आइये जानते हैं इसमें क्या गड़बड़ियां हैं.
जहानाबाद : बिहार में कृषि विभाग और राजस्व विभाग की पहल से हाल ही में Farmer Registry ID बनाने का काम शुरू हुआ है. इसका उद्देश्य है कि किसानों का एक एकीकृत डिजिटल डाटा तैयार कर उनको सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ दिया जाए. साथ ही इस प्रयास से फर्जी या अपात्र लाभुकों को रोका जाए. fइसके लिए किसानों की आईडी बनाई जा रही है.
विभागीय नियमों के मुताबिक Farmer Registry ID बनवाने के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और जमीन के रिकॉर्ड की जरूरत है, लेकिन पैतृक जमीन के मामलों में जमाबंदी मूल मालिक के नाम पर है और म्यूटेशन नहीं हुआ है तो उन किसानों को farmer ID बनाने में दिक्कत हो रही है. पेंच यहीं पर फंस रहा है. जहानाबाद में स्थिति कुछ इसी प्रकार की है. यहां रतनी फरीदपुर प्रखंड के सेसंबा पंचायत स्थित नारायणपुर गांव के कई किसानों का जमीन से जुड़े हए दस्तावेज में ऑफलाइन-ऑनलाइन की उलझने हैं, जिसके चलते उन लोगों का भी फॉर्मर id नहीं बन पा रहा है. ऐसे में सभी किसान परेशान हैं.
डिमांड में ऑफलाइन-ऑनलाइन नामों में हो रही है दिक्कत
नारायणपपुर गांव के किसान कुंदन कुमार ने लोकल 18 से कहा कि किसान ID बनाने के लिए ऑनलाइन रसीद मांगा जा रहा है. हमारे पिताजी का ऑफलाइन रसीद कट रहा है और वहां ऑनलाइन मांग की गई. अब डीमांड में ही गड़बड़ी कर दिया गया है और मेरे बाबा का नाम बद्रीनाथ शर्मा की जगह सुखारी शर्मा ऑनलाइन कर दिया गया है. बाबा का नाम ऑफलाइन सही है. जिसका ऑनलाइन खाता, प्लॉट और रकवा चढ़ा हुआ है. ऐसे में कहा जा रहा है कि उन्हीं लोगों का फॉर्मर id बनेगा. अब खाता चढ़ा है तो प्लॉट नहीं है और रकवा नहीं है. यह जितना भी है ऑफलाइन में सब रिकॉर्ड है, लेकिन ऑनलाइन कुछ भी नहीं होने की वजह से फॉर्मर id नहीं बन पा रहा है.
परिमार्जन सबमिट किए पर, ऑनलाइन नहीं दिखता
वहीं, एक अन्य किसान प्रमोद कुमार ने कहा कि 2019 तक जमीन का रसीद कटा हुआ है और ऑनलाइन कटवाने गए, तो उसमें शून्य कर दिया गया है. हमने फिर परिमार्जन प्लस किया. आवेदन जमा भी हो गया, लेकिन ऑनलाइन चेक करने पर शो नहीं कर रहा है. अब ऐसे में फॉर्मर id नहीं बन पा रहा है. 21 दिसंबर को ही आवेदन जमा किए हैं.
89 साल के बुजुर्ग भी लगा रहे दफ्तर का चक्कर
89 साल के रामरतन शर्मा ने कहा कि हमारा तो पैर घिस गया है. सब कागज लेकर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है. राजस्व कर्मचारी अंचल अधिकारी को बोलते हैं और अंचल अधिकारी कभी मिलते ही नहीं हैं. इस प्रकार से जमीन का कागज जब तंदुरुस्त नहीं रहेगा तो हमारा कैसे फॉर्मर id बनेगा. अब हम कागज लेकर चक्कर लगा रहे हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
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