पटना के एक निजी होटल में मंगलवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) बिहार कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य ABDM के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करना था। इसका आयोजन बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार ने किया। इसमें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन, राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारी, सलाहकार और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन स्वास्थ्य सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ने स्वास्थ्य व्यवस्था में कीर्तिमान स्थापित किया है। मंत्री ने जोर दिया कि इसके माध्यम से राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर इलाज मिल सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने ABDM के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और आम जनता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके प्रमुख घटक इस प्रकार हैं
- आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA ID)
हर नागरिक को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी दी जाती है, जिसमें उसके सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं। मरीज की अनुमति से डॉक्टर और अस्पताल इन रिकॉर्ड्स तक तुरंत पहुंच बना सकते हैं। - डिजिटल हेल्थ प्रोफेशनल्स और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्र्री
देशभर के डॉक्टरों, अस्पतालों, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और फार्मेसियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे मरीजों को प्रमाणिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता मिल सकें। -
इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR)
इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहते हैं, जिससे बार-बार जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ती और इलाज की निरंतरता बनी रहती है। -
डेटा गोपनीयता और सुरक्षा
ABDM में डेटा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मरीज की अनुमति के बिना कोई भी स्वास्थ्य जानकारी साझा नहीं की जाती। -
टेलीमेडिसिन और ई-फार्मेसी
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं और ऑनलाइन दवाएं मंगा सकते हैं।
मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना (MDHY)
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना (MDHY) की शुरुआत की है। इसके तहत ‘भव्य’ नामक ABDM-समर्थित HMIS सॉफ्टवेयर के जरिए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह योजना पूरी तरह से बिहार सरकार द्वारा वित्त पोषित है और ABDM के तहत राज्य की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
बिहार की बड़ी उपलब्धियां
- स्कैन एंड शेयर में 5 करोड़ 26 लाख टोकन बनाकर बिहार ने देश में पहला स्थान हासिल किया।
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6 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों की ABHA ID बनाई गई, इस श्रेणी में बिहार राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है।
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6 करोड़ 17 लाख लाभार्थियों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है, जिससे बिहार को तीसरा स्थान मिला।
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भव्या परियोजना को ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट 2024 में इनोवेशन अवार्ड मिला।
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47,786 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का HPR और 29,288 स्वास्थ्य संस्थानों का HFR के तहत पंजीकरण किया गया।
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7,835 सरकारी अस्पतालों का DHIS योजना के अंतर्गत पंजीकरण हो चुका है।
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बिहार ने अब तक 37.60 करोड़ रु. की प्रोत्साहन राशि का दावा किया है, जो देश में सबसे अधिक है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ABDM और MDHY के माध्यम से बिहार आने वाले समय में डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।
कॉन्क्लेव में प्रमुख अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह मौजूद रहे। उनके साथ विशेष सचिव हिमांशु शर्मा (भा.प्र.से.), राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सह BMSICL के प्रबंध निदेशक अमित कुमार पाण्डेय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के संयुक्त सचिव विक्रम पगारिया (IRS), बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के CEO शशांक शेखर सिन्हा, आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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