जिले के जनजातीय बहुल नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेपानगर कृषि और उद्योग का अनोखा संगम है और बुरहानपुर जिला मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण है। प्रदेश सरकार बुरहानपुर को एग्री एक्सपोर्ट और प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। जनजातीय समाज का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 363 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत के 127 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 191 करोड़ 24 लाख रुपए के 81 कार्यों का भूमिपूजन और 172 करोड़ 58 लाख रुपए के 46 कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में जनजातीय वर्ग के लिए 26 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 47 हजार 428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से प्रदेश में जनजातीय कल्याण के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। नेपानगर को ऐतिहासिक रूप से दक्षिण के द्वार के रूप में जाना जाता है और प्रदेश सरकार इसे महाराष्ट्र सीमा पर मध्यप्रदेश के विकास के प्रमुख द्वार के रूप में विकसित करेगी।
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मुख्यमंत्री ने झिरमिट्टी मध्यम सिंचाई परियोजना और नावथा वृहद सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी देते हुए कहा कि करीब 2598.97 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं से 34 हजार 400 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा और 51 हजार 800 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, इससे 132 गांवों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि नेपानगर पेपर मिल इस क्षेत्र की पहचान है और इसे हर हाल में संचालित रखा जाएगा। सरकार इसके संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी और श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर के शासकीय महाविद्यालय में कृषि संकाय शुरू करने, नेपानगर में डॉ. हेडगेवार की स्मृति में उद्यान बनाने, धुलकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने और लोखंडिया-हसीनाबाद मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ताप्ती नदी पर उच्च स्तरीय पुल बनाने की घोषणा की। साथ ही असीरगढ़ किले को भव्य पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात भी कही।
जल संसाधन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सिंचाई क्षमता लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में प्रदेश के 54 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, जिसे 2029 तक 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू, महापौर माधुरी अतुल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और जनजातीय समाज के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, कन्या पूजन और भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। साथ ही विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया, जिसमें कृषि और जनजातीय विकास से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।
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