Madhya-Pradesh-Vidhan-Sabha-Budget-Session-Live: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में पांचवे दिन की शुरुआत तनावपूर्ण लग रही थी. कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले का घेराव करने पहुंचे थे तो दूसरी तरफ सदन के अंदर हास-परिहास का माहौल रहा. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शांत नजर आए और उनके बयानों से सदन में जोरदार ठहाके लगे.
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन माहौल सामान्य रहा.
अध्यक्ष ने मजाकिया लहजे में भंवर सिंह से पूछा कि क्या इंदौर के होली ‘मूर्ख सम्मेलन’ में उन्हें भी नहीं बुलाते. कैलाश विजयवर्गीय ने बिना देर किए जवाब दिया कि वे तो पहले से ही वहां शामिल हैं, इसलिए बुलाने की कोई जरूरत नहीं. मंत्री की इस चतुराई भरी टिप्पणी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक हंस पड़े. कुछ देर तक सदन में जुबानी चुटकियों और हल्की-फुल्की बातचीत का दौर चलता रहा, जिसने पूरे सत्र को रोचक बना दिया. हालांकि, इससे एक दिन पहले यानी बजट सत्र के चौथे दिन सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ था. राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का गंभीर मुद्दा उठाया. इस पर कैलाश विजयवर्गीय और सिंघार के बीच तीखी नोकझोंक हुई. हालात इतने बिगड़े कि कार्यवाही सात बार स्थगित करनी पड़ी. इसी दौरान विजयवर्गीय ने ‘औकात में रहो’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग कर दी.
भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामला सदन में गूंजा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- इंदौर के लिए कलंक
भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले को लेकर चर्चा शुरू हुई. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने स्वीकार किया कि क्षेत्र के लोगों ने गंदे पानी की शिकायत की थी. मंत्री ने कहा कि यह घटना इंदौर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है और शहर के लिए कलंक समान है. कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मामले की जांच कराई गई है. जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका सामने आई है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है. दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और आगे भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सदन में विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा. सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है और दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं.
बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, सर्वे के निर्देश
भोपाल. प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद विधानसभा में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मामला उठा. कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि दो दिन की बारिश से पूरे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सरकार से तत्काल सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की. शेखावत ने कहा कि कई जिलों में खड़ी फसल प्रभावित हुई है. किसानों की आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है. ऐसे में त्वरित राहत जरूरी है. उन्होंने सरकार से पारदर्शी सर्वे और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की. इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि उनकी जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दे दिए हैं. प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और पात्र किसानों को राहत दी जाएगी.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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