Bhopal to Lucknow Expressway: NHAI के नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से यूपी की राजधानी लखनऊ से एमपी की राजधानी भोपाल के बीच 14 घंटे का सफर सिर्फ 7 घंटे का रह जाएगा. इसे बनाने में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ₹5,757 करोड़ खर्च किए जाएंगे. साथ ही, मार्ग के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, देखिए रिपोर्ट…
118 किमी लंबा रूट देगा दोनों राज्यों को नई राह
NHAI के इस प्रोजेक्ट से दोनों राज्यों की राजधानियों के बीच यात्रा समय आधा होने वाला है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत कानपुर से कबरई (महोबा) तक 118 किलोमीटर लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे बुंदेलखंड से लेकर कानपुर तक के इलाकों में सफर को नई दिशा मिलेगी. इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹5,757 करोड़ है और इसे इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है.
भोपाल से लखनऊ 7 घंटे में पूरा होगा सफर
यह नया हाईवे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जोड़ेगा. अभी अगर इस रूट की बात करें तो भोपाल से लखनऊ के बीच लगभग 600 किलोमीटर की दूरी तय करने में 12 से 14 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेस-वे बनने के बाद यह सफर करीब 7 घंटे में पूरा हो सकेगा. इससे समय और फ्यूल दोनों की बचत होगी.
इन जिलों से गुजरेगा ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस-वे
उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे यूपी के कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगा. यह आगे बुंदेलखंड में सागर हाईवे से जुड़ेगा, जिससे मध्य प्रदेश की ओर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. कानपुर के पास इसे रामपुर क्षेत्र में रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, जिससे शहर के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीधा संपर्क मिलेगा. इस ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस-वे से वाराणसी, प्रयागराज संग कई अन्य बड़े जिलों को भी नई कनेक्टिविटी मिलेगी.
इकोनॉमिक और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की खास बात ये कि इसके दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है. केंद्र सरकार का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना है, ताकि कच्चा माल समय पर फैक्ट्रियों तक पहुंचे और तैयार उत्पाद आसानी से बाजारों तक भेजे जा सकें. इससे बुंदेलखंड और आसपास के जिलों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
डोमेस्टिक इकोनॉमी को नई दिशा
भोपाल से लखनऊ के बीच बनने जा रहे इस एक्सप्रेस-वे को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना कानपुर को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर सकती है. इसके बाद बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. कुल मिलाकर, यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. NHAI के अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में एजेंसी फाइनल की जा रही है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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