भोजपुर जिले में अब पुलिस तक पहुंचने के लिए थाने की चौखट पर घंटों इंतजार करना जरूरी नहीं रह गया है. डिजिटल दौर में पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नागरिकों को घर बैठे ही शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दे दी है.
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब छोटी-मोटी शिकायतों. गुमशुदगी. साइबर फ्रॉड. महिला उत्पीड़न. पड़ोसी विवाद या अन्य गैर-आपात मामलों में लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. शिकायत दर्ज करते ही उसे संबंधित थाना या अधिकारी तक भेज दिया जाएगा. जिससे मामले पर समयबद्ध कार्रवाई संभव हो सकेगी. इससे पुलिस पर पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी.
ई-शिकायत से कर सकते है केस
ई-शिकायत प्रणाली खास तौर पर बुजुर्गों. महिलाओं. दिव्यांगों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी. कई बार थाने जाने में झिझक या असुविधा के कारण लोग शिकायत दर्ज नहीं करा पाते थे. जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठाते थे. अब मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए कुछ ही मिनटों में शिकायत दर्ज कर उसका स्टेटस भी ऑनलाइन देखा जा सकेगा.पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहल से थानों में भीड़ कम होगी और पुलिसकर्मी गंभीर मामलों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे. हर शिकायत का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा. जिससे भविष्य में जांच और मॉनिटरिंग आसान होगी. यह कदम जिले में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपात स्थिति या गंभीर अपराध की स्थिति में सीधे डायल 112 या नजदीकी थाने से संपर्क करना जरूरी रहेगा.
भोजपुर जिले में शुरू हुई यह सुविधा
ई-शिकायत सुविधा को पूरक व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है. भोजपुर जिले में शुरू हुई यह सुविधा पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश है. तकनीक के सहारे भरोसे और संवाद को मजबूत करने की यह पहल आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है
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