रोहतक. हरियाणा के रोहतक के बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ की हत्या का मामला गरमाता जा रहा है. परिजन मंगलवार को दिनभर भिवानी सदर थाना में डेरा जमाए रहे. मामला की गंभीरता को देख आईजी रोहतक समरदीप थाने पहुचे और परिजन से हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का समय मांगा.
दरअसल, वेट लिफ़्टिंग के नेशनल खिलाड़ी रोहित की भिवानी में पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी. रोहतक निवासी रोहित अपने साथी जतिन की बहन की ननद की शादी में भिवानी के रेवाड़ी खेड़ा गांव में कन्यादान डालने आया था. मृतक रोहित की माँ ने भिवानी सदर थाना में 15-20 बारातियों के खिलाफ शिकायत दी. हालांकि, अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ़्तारी ना होने से ख़फ़ा परिजन दिनभर सदर थाना में डटे रहे. पहले भिवानी और रोहतक डीएसपी ने परिजनों को समझाया. लेकिन मामले की गंभीरता देख रोहतक रेंज के आईजी समरदीप दोपहर को थाने पहुचे. यहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटा पुलिस अधिकारियों व परिजनों से अलग अलग मीटिंग की. दो दिन में हत्यारों की गिरफ़्तारी का आश्वासन दिया.
आईजी समरदीप सिंह ने कहा कि भिवानी एसपी, डीएसपी क्राइम व थाना प्रभारी को जल्द आरोपी की गिरफ़्तारी के निर्देश दिए हैं. मृतक के दादा धर्मपाल और चाचा कप्तान ने कहा कि रोहित नेशनल खिलाड़ी था. वो किसी भी नशे या झगड़े का आदी नहीं था. रोहित के पिता की सात साल पहले मौत हो चुकी है. उसे इसकी माँ ने कपड़े सिलाई कर पाला था. अब उसका घर बिखर गया है. लेकिन चार पाँच दिन बीत जाने पर भी पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया. उन्होंने कहा कि रोहित के गांव और आसपास के गाँवों में रोष है. उन्होंने कहा कि आईजी ने दो दिन का समय मांगा है. दो दिन में हत्यारों की गिरफ़्तारी नहीं हुई तो वो अपने गाँव में रोड जाम करेंगे.
रोहित के साथी जतिन ने बताया कि रोहित ने बारातियों को गाली-गलौज करने से मना किया तो मनमुटाव हुआ. फिर बारातियों ने पीछा कर फाटक पर हमें घेर लिया और रोहित को लाठी डंडे व रोड से बुरी तरह मारा. बाराती रोहित को मरा समझ कर भागे तो मैं और मेरा जीजा रोहित को अस्पताल लेकर गए. बारातियों से कहासुनी की वजह से ही मारपीट की गई थी. पहले कहा जा रहा था कि लड़कियों से छेड़छाड़ का विरोध करने पर रोहित को मारा गया था.
क्या है पूरा मामला
पूरा मामला 27-28 नवंबर की रात का है. रोहित की बारातियों से कहासुनी हुई. फिर वो वापस अपने घर आ रहा था तो बारातियों ने वरना गाड़ी में उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी का पीछा किया. तभी रेवाड़ी खेड़ा गांव से निकलते ही रेलवे फाटक बंद थी. वहां रोहित और उसके साथी जतिन को बारातियों ने घेर लिया और रोहित को लाठी डंडों व रोड़ से पीट पीट कर मरा समझ कर बाराती अपनी गाड़ी वहीं छोड़ कर फरार हो गए. आनन-फानन में रोहित को रोहतक पीजीआई रेफर किया. जहां उसने 29 नवंबर को दम तोड़ दिया.