भिवानी में प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक हुई। जिसमें अवैध एकेडियों पर कार्रवाई करने, राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की फीस सरकार द्वारा जारी करने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान फैसला लिया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, तब तक प्राइवेट स्कूल सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे। मीटिंग के बाद प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, जिले के प्राइवेट स्कूल किसी भी सरकारी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे, राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत नए दाखिले नहीं करेंगे और अपने स्कूलों को परीक्षा केंद्र भी नहीं बनने देंगे। RTE के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस दे सरकार
राम अवतार शर्मा ने आरोप लगाया कि शहर में अवैध रूप से चल रही कोचिंग एकेडमियों के खिलाफ कई बार शिकायत करने और शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के बावजूद जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की फीस पिछले तीन साल से सरकार ने जारी नहीं की है, जिससे स्कूलों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष CET परीक्षा के दौरान प्राइवेट स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, लेकिन ड्यूटी स्टाफ के भुगतान में भी देरी हुई और कई स्कूलों को पूरा पैसा नहीं मिला। एसोसिएशन ने मांग की कि अवैध कोचिंग एकेडमियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। RTE के तहत लंबित फीस और CET की बकाया राशि जल्द जारी की जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर एसोसिएशन के पदाधिकारी, प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल और डायरेक्टर मौजूद रहे।
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