भिंड जिले के ऊमरी थाना अंतर्गत बिलावका पुरा गांव में मंगलवार शाम 70 वर्षीय बुजुर्ग की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। उसकी पहचान रामसिया यादव पिता रेतीराम यादव निवासी बिलावका पुरा के रूप में हुई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रामसिया यादव शाम करीब चार बजे घर से लगभग दो किलोमीटर दूर बैसली नदी किनारे स्थित अपने खेत पर बकरी चराने गए थे। इसी दौरान गांव के ही गोदन पिता प्रतापसिंह यादव से किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया। विवाद के बाद कुल्हाड़ी से हमला कर दिया
विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और आरोप है कि गोदन ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रामसिया पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने रामसिया पर लगातार कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर खेत में ही गिर पड़े। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। कुछ समय बाद जब आसपास के किसान खेतों की ओर पहुंचे तो उन्होंने रामसिया को खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा देखा। किसानों ने तत्काल उनके बेटे राजेंद्र यादव को सूचना दी। राजेंद्र मौके पर पहुंचे तो पिता मृत अवस्था में पड़े थे। शव पर कुल्हाड़ी से किए गए कई गहरे घाव साफ दिखाई दे रहे थे। नशे की हालत में था आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही ऊमरी थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ऊमरी थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत ने बताया कि बैसली नदी किनारे एक बुजुर्ग का शव मिला है। हत्या का आरोप गोदन यादव नामक युवक पर लगाया जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि आरोपी नशे की हालत में था। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आरोपी वारदात के बाद भागते हुए कह रहा था कि उसने अपने पिता की हत्या का बदला ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। आरोपी के पिता की हुई थी पहले हत्या
ग्रामीणों से बातचीत में सामने आया कि हत्या का आरोपी गोदन यादव के पिता प्रताप यादव की करीब दस से पंद्रह साल पहले सिंध नदी के कछार में हत्या हुई थी। उस मामले में पुलिस ने जांच कर आरोपियों को सजा भी दिलाई थी। ग्रामीणों का कहना है कि उस पुराने मामले में रामसिया यादव की कोई भूमिका नहीं थी। इसके बावजूद यह वारदात क्यों और किन कारणों से हुई, इसको लेकर फिलहाल गांव में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.