भाटापारा में बुधवार से छत्तीसगढ़ की राजधानी में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच को लेकर पूरे प्रदेश में हलचल तेज है। इसी बीच भाटापारा, जिसे मिनी बॉम्बे और सट्टे के गढ़ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से शहर के नामचिन और रसूखदार सटोरिए भुमिगत हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार वे दूसरे शहरों से अब भी अपने सट्टे के कारोबार को संचालित कर रहे हैं।
भाटापारा पुलिस इन भुमिगत सटोरियों को अब तक पकड़ने में असफल रही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि लगातार कार्रवाई की जा रही है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होगी। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि जो भुमिगत हैं, वे भुमिगत ही रहें, भाटापारा आने की हिम्मत न करें। पुलिस की लगातार कार्रवाई से सटोरिए डरे हुए हैं।
वहीं शहर में दबे जुबान चर्चा है कि कुछ ऐसे सटोरिए, जो पुलिस रिकॉर्ड में भुमिगत दर्ज हैं, वे पुलिस की आंखों में धूल झोंककर शहर में दिखाई भी दे जाते हैं। ऐसे में आम जनता सवाल उठा रही है कि फिर पुलिस के दावों में कितनी सच्चाई है?
इस पूरे मामले पर भाटापारा एसडीओपी तारेश साहू ने कहा कि लगातार कार्रवाई से भुमिगत सटोरिए डरे हुए हैं। जैसे ही सूचना मिलती है, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। शहर के भुमिगत सटोरिए भुमिगत ही रहेंगे।
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