शुरुआत में निर्देश दिया गया था कि मरीन ड्राइव के रास्ते में आने वाले सभी घरों को हटाया जाएगा. लेकिन, इस फैसले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने सरकार से बातचीत की और घरों को बचाने की अपील की. जनता के अपील के बाद अब इस परियोजना के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है.
जनता के अपील के बाद नई रणनीति
शुरुआत में निर्देश दिया गया था कि मरीन ड्राइव के रास्ते में आने वाले सभी घरों को हटाया जाएगा. लेकिन, इस फैसले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने सरकार से बातचीत की और घरों को बचाने की अपील की. जनता के अपील के बाद अब इस परियोजना के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है.
अब नहीं टूटेगा किसी का आशियाना
दरअसल, सबौर के बाबूपुर से मुंगेर तक गंगा के किनारे मरीन ड्राइव का निर्माण प्रस्तावित है. यह मार्ग भागलपुर में सबौर से होकर बरारी, आदमपुर, बूढ़ानाथ होते हुए दियारा क्षेत्र से चंपानगर तक जाएगा. इस बीच कई आबादी वाले इलाके भी आते हैं. इसको देखते हुए वन एवं जलवायु विभाग के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने लोगों को आश्वस्त किया है कि किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा. अब योजना में बदलाव करते हुए मरीन ड्राइव को आबादी वाले इलाकों से दूर बनाकर आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, ताकि लोगों को कम से कम नुकसान हो.
मरीन ड्राइव बनने से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
हालांकि, मरीन ड्राइव के निर्माण से न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि भागलपुर से मुंगेर के बीच संपर्क भी और बेहतर हो जाएगा. इस परियोजना को विक्रमशिला समानांतर पुल समेत अन्य विकास योजनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. वर्तमान सर्वे के अनुसार महज दो किलोमीटर के दायरे में ही करीब 250 घर प्रभावित हो रहे थे. पूरे मार्ग का सर्वे होने पर इससे भी अधिक घर इसकी जद में आ सकते थे. ऐसे में अब नई योजना के तहत मरीन ड्राइव को आबादी से दूर ले जाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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