बैतूल जिले (मुलताई क्षेत्र) में अपनी ही 10 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार पिता ने पुलिस हिरासत (लॉकअप) में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। आरोपी की हालत गंभीर है और उसे बैतूल जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। इस बड़ी लापरवाही के बाद से पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मचा हुआ है। मामला 26 फरवरी 2024 को सामने आया था। जब आरोपी ने बेटी को कमरे में बंद कर दिया था, तब पीड़िता की मां ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई और बच्ची को बचाया। 10 वर्षीय नाबालिग ने अपने पिता पर लंबे समय से दुष्कर्म करने, डराने-धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था। पॉक्सो एक्ट में हुई थी गिरफ्तारी पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं [65(2), 64(2)(f), 64(2)(m), 351(3)] के तहत मुकदमा दर्ज किया था। लॉकअप में लगाई फांसी, इंक्यूबेटर पर आरोपी थाने लाए जाने के बाद आरोपी ने लोकअप में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। डॉक्टरों के अनुसार, फंदे के कारण आरोपी को सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो रही है, जिसके चलते उसे इंक्यूबेट (वेंटिलेटर सपोर्ट) किया गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। बैतूल एसपी कमला जोशी ने आरोपी द्वारा आत्महत्या के प्रयास की आधिकारिक पुष्टि की है। अस्पताल में छावनी जैसा माहौल, अधिकारी साध रहे चुप्पी घटना के बाद से बैतूल जिला अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बैतूल एसडीओपी सुनील लाटा, गंज टीआई नीरज पाल और तहसीलदार खुद आईसीयू में मौजूद हैं। पुलिस अधिकारी फिलहाल इस मामले में ज्यादा कुछ बोलने से बच रहे हैं। पुलिस इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता की पहचान गोपनीय रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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