पूर्णिया के आकाशवाणी रोड स्थित एक घर में भरोसे को तोड़ने वाली बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। 62 वर्षीय मोहन खेतान अपने बेटे के निधन के बाद उसका अंतिम संस्कार करने पैतृक गांव सहरसा गए थे। घर सुरक्षित रहे, इसके लिए उन्होंने अपने दो पुराने स्टाफ मो. जियाबुल और सुनील राय को जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन आरोप है कि दोनों ने ही उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर करीब 30 लाख की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया।
बेटे के निधन के बाद घर छोड़ गए थे परिवार
जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी को मोहन खेतान के बेटे का अचानक निधन हो गया था। पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ पैतृक गांव सहरसा में धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त था। इसी दौरान घर की रखवाली की जिम्मेदारी दोनों स्टाफ को दी गई थी।
आधी रात को फोन कर रची गई चोरी की कहानी
बताया जा रहा है कि 27 फरवरी की रात करीब 2:48 बजे आरोपी स्टाफ मो. जियाबुल ने खुद फोन कर मालिक को चोरी की सूचना दी। उसने बताया कि घर में चोरी हो गई है। सूचना मिलते ही मोहन खेतान तुरंत पूर्णिया पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कमरे का ताला टूटा हुआ था। अलमारी में रखे सोने, चांदी और हीरे के कीमती जेवरात, महंगे कपड़े और 92 हजार रुपये नकद गायब थे। यह देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
शुरुआती पूछताछ में मो. जियाबुल ने पुलिस और मालिक को गुमराह करने की कोशिश की और अलग-अलग कहानियां सुनाईं। लेकिन जब घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो दोनों स्टाफ की संदिग्ध गतिविधियां सामने आ गईं। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत के.हाट थाना पुलिस को सूचना दी। संदेह के आधार पर दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
इलाके में बढ़ रही चोरी की घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका स्मैक के नशे करने वालों का अड्डा बनता जा रहा है। ऐसे लोग बंद घरों की पहले रेकी करते हैं और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। इससे पहले भी पड़ोस में 2 लाख रुपये की चोरी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि चोरी किए गए सोने-चांदी और अन्य कीमती सामान को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके। मामले की जांच जारी है।
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