Beekeeping Farming: मधुमक्खी पालन के जरिए किसान कम लागत में अच्छी कमाई कर सकते हैं.लेकिन मुनाफा पाने के लिए सही देखभाल और छोटी-छोटी जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मधुमक्खी बॉक्स उपलब्ध कराने के साथ-साथ अनुदान भी देती है.यही वजह है कि अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसान मधुमक्खी पालन को भी अपनाने लगे हैं. खास बात यह है कि इसके लिए अलग से जमीन की जरूरत नहीं होती, किसान अपने खेत, बागान या घर के पास ही मधुमक्खी बॉक्स रखकर शहद उत्पादन कर सकते हैं.
क्या कहते है मधुमखी पालक एक्सपर्ट
मधुमक्खी पालक एक्सपर्ट वकील यादव बताते हैं कि मधुमक्खी पालन कृषि का एक अभिन्न अंग है. सही तरीके से किया जाए तो इससे किसान अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं. देवघर जिले के संदर्भ में उन्होंने बताया कि यहां का वातावरण पूरे साल शहद उत्पादन के लिए अनुकूल नहीं है. लेकिन फिलहाल मधुमक्खी पालन का सीजन चल रहा है. इस समय सरसों, क्रंच, आम और सहजन जैसे फूलों से मधुमक्खियां आसानी से शहद का उत्पादन कर लेती हैं.हालांकि जैसे ही सीजन खत्म होता है सबसे बड़ी चुनौती माइग्रेशन यानी मधुमक्खियों को दूसरी जगह ले जाने की होती है. सीजन ऑफ होने से पहले किसानों को ऐसी जगह तलाश करनी चाहिए.जहां फूलों की उपलब्धता बनी रहे और मधुमक्खियां शहद उत्पादन करती रहें.
इन छोटी छोटी बातो का भी रखे ध्यान
इसके साथ ही मधुमक्खी बॉक्स की नियमित साफ-सफाई बेहद जरूरी है। बॉक्स को चींटी, छिपकली और अन्य कीटों से सुरक्षित रखना चाहिए.बॉक्स को उचित स्थान पर रखें और रात के समय इस तरह व्यवस्थित करें कि एक बॉक्स से दूसरे बॉक्स की दूरी करीब 5 फीट हो.मधुमक्खियों के प्रवेश द्वार को खुला रखें, ताकि वे आसानी से अपना कार्य कर सकें.समय-समय पर बॉक्स खोलकर रानी मधुमक्खी का निरीक्षण करते रहना भी जरूरी है. अगर किसी तरह की कमी नजर आए तो मधुमक्खियों की जरूरतों को तुरंत पूरा करें.
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