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BAU Seedless Tomato Variety: बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने बिना बीज के मुलायम टमाटर की नई वैराइटी विकसित की है. जो गर्मी और हल्की सर्दी में भी उपज देगा. साथ ही यह लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकेगा. यह टमाटर प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और घरेलू बाजार में लोकप्रिय है. इससे किसानों को दोगुना मुनाफा होगा.
सीतामढ़ी: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) ने किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए नई सीडलेस टमाटर वैराइटी तैयार की है. टमाटर हर किसान लगाता है, लेकिन बीएयू की यह किस्म अपनी विशेषताओं के कारण तेजी से चर्चा में है. इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें बीज नहीं होते और इसकी बनावट बेहद मुलायम होती है. इस वजह से इसका इस्तेमाल प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में भी ज्यादा हो सकता है. वहीं घरेलू बाजार में भी यह आम टमाटर के मुकाबले ज्यादा पसंद की जा रही है, क्योंकि लोग इसे काटने-छीलने में आसान और अधिक रसदार पाते हैं.
लंबे समय तक होगा स्टोर
दूसरी बड़ी खासियत यह है कि यह टमाटर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है. जो किसानों के लिए बड़ा फायदेमंद है. आमतौर पर टमाटर जल्दी खराब हो जाता है, जिससे किसानों को मजबूरी में औने-पौने दाम पर बेचना पड़ता है. लेकिन बीएयू की इस नई वैराइटी की शेल्फ लाइफ अधिक होने के कारण किसान इसे 8–10 दिन तक आराम से रख सकते हैं. जिससे बाजार में सही समय देखकर बेचने का मौका मिलता है. यही वजह है कि किसान इसे डबल मुनाफा वाला टमाटर कहकर बुला रहे हैं.
कीमत के मामले में भी खास
कीमत के मामले में भी यह वैराइटी किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला रही है. जहां सामान्य टमाटर की कीमत अक्सर गिरती-बढ़ती रहती है. वहीं यह सीडलेस टमाटर अन्य वैराइटी के मुकाबले अधिक दाम पर बिक रहा है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में प्रोसेसिंग यूनिट्स, सॉस कंपनियों और सुपरमार्केट चेन में इसकी मांग और बढ़ेगी क्योंकि बीज हटाने की झंझट नहीं होती. इससे फायदे सीधे किसानों को मिलेंगे. कई जिलों में इसकी ट्रायल खेती ने भी अच्छे परिणाम दिए हैं.
गर्मी और हल्की सर्दी में भी उपज
बीएयू वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैराइटी गर्मी और हल्की सर्दी दोनों मौसमों में अच्छी उपज देती है. पौधा मजबूत होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक है. खेती के लिए इसे 45–60 दिन में तैयार रोपाई से लगाना बेहतर माना जा रहा है. किसान थोड़ी-सी देखभाल और संतुलित खाद देने पर प्रति एकड़ अच्छी पैदावार पा सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वैराइटी बड़े पैमाने पर अपनाई गई, तो किसानों की आमदनी में एक नहीं बल्कि दो गुना बढ़ोतरी संभव है. इस तरह बीएयू का सीडलेस टमाटर देशभर के किसानों के लिए भविष्य की नई उम्मीद बनकर उभर रहा है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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