जंगल की खामोशी, पगडंडी पर दौड़ती जिप्सी और अचानक सामने आ जाता बाघ… इस रोमांच को अब और करीब से महसूस करने का मौका मिल रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के ज्वालामुखी बफर जोन में एक खास पहल के तहत पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। 17 दिसंबर 2025 से 23 दिसंबर 2025 तक पूरे एक सप्ताह जिप्सी से पार्क भ्रमण करने वाले पर्यटकों से प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यह फैसला मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नियमों के तहत लिया गया है, जिसका मकसद पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। दिसंबर का मौसम, जंगल की हरियाली और वन्यजीवों की बढ़ी हुई हलचल इस फैसले को और भी खास बना देती है।
इस योजना का लाभ वही पर्यटक उठा सकेंगे, जो पूरी जिप्सी का टिकट लेकर भ्रमण करेंगे। सुबह और दोपहर दोनों शिफ्ट की सफारी में यह सुविधा लागू रहेगी। हालांकि जिप्सी वाहन का किराया और गाइड शुल्क पहले की तरह देना होगा, लेकिन प्रवेश शुल्क माफ होने से कुल खर्च में अच्छी-खासी राहत मिलेगी।
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वन विभाग ने यह भी साफ किया है कि यह सुविधा “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर मिलेगी। टिकट लेने के लिए पर्यटकों को सीधे ज्वालामुखी गेट के ऑफलाइन काउंटर से संपर्क करना होगा। यह छूट केवल वहीं से बुक की गई जिप्सियों के लिए मान्य होगी। ऑनलाइन बुकिंग या अन्य गेट से आने वाले पर्यटकों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
स्थानीय लोगों में इस फैसले को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। गाइड, जिप्सी चालक और होटल व्यवसायियों को उम्मीद है कि इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और सीजन के दौरान उनकी आमदनी में सुधार होगा। वहीं पर्यटकों के लिए यह मौका कम बजट में जंगल सफारी का आनंद लेने का सुनहरा अवसर बन गया है। अगर आप भी प्रकृति, रोमांच और वन्यजीवों के शौकीन हैं, तो यह सप्ताह आपके लिए खास हो सकता है। बांधवगढ़ के जंगल बुला रहे हैं, और इस बार बिना प्रवेश शुल्क के।
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