छत्तीसगढ़ में दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. जैसे ही अफीम की खेती की जानकारी मिली. पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हो गया और कलेक्टर सहित बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
बलरामपुर में अफीम की खेती का मामला आई सामने (AI तस्वीर)
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कही ये बात
कुसमी में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार नशे के सौदागरों के खिलाफ और नशे के व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. दुर्ग के बाद बलरामपुर से जानकारी मिली और वहां कार्रवाई की गई. अभी प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
मंत्री राजेश अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें नशे के बारे में किसी भी तरह की जानकारी मिले, तो तुरंत सरकार को सूचना दें. क्योंकि एक सामाजिक जागरूकता की जरूरत है. नशे का जो व्यापार करते हैं, उसे लेकर पिछले दो सालों में कार्रवाई हुई हैं. पहले पकड़े नहीं जा रहे थे अभी लगातार कार्रवाई हो रही है. जल्द पूरा प्रदेश नशा मुक्त होगा.
मौके पर पहुंचे कलेक्टर
अवैध अफीम की खेती की जानकारी मिलते ही बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर मौके पर पहुंचे. उन्होंने अफीम की खेती का निरीक्षण करने के बाद सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. अवैध अफीम के मामले में लोगों से पूछताछ हो रही है.
विधानसभा में हुआ था खूब हंगाम
इससे पहले दुर्ग में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम अफीम की खेती करने के मामले में खूब उछला था. बाद में भाजपा ने इस नेता को निलंबित कर दिया था. इसको लेकर विधानसभा में भी खूब हंगामा हुआ था. जब कांग्रेस की तरफ से आरोप लगाया था कि अफीम की खेती करने वाले को भाजपा का संरक्षण मिला हुआ है. बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को नामंजूर कर दिया, तब कांग्रेस के 29 विधायक अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए. इसके बाद कांग्रेस के विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया. कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही भी रोक दी गई थी.
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